पीईटी : न्यूनतम कटऑफ के लिए जनप्रतिनिधियों का समर्थन
प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पीईटी) में न्यूनतम कटऑफ (न्यूनतम परसेंटाइल) निर्धारित किए जाने की मांग जनप्रतिनिधियों ने भी की है।
सांसदों और विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि पीईटी केवल एक क्वालिफाइंग है, ऐसे में कटऑफ तय होने से अधिक अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षाओं में बैठने का अवसर मिलेगा। फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल, सांसद उज्जवल रमण सिंह, बांदा सांसद कृष्णा देवी, विधायक हर्षवर्धन बाजपेई ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तर्क दिया कि टीईटी और सीटीईटी जैसी परीक्षाओं में पहले से न्यूनतम कटऑफ की व्यवस्था है, उसी तर्ज पर पीईटी में भी स्पष्ट मानक तय किए जाने चाहिए।
इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, परीक्षा कैलेंडर बेहतर तरीके से बनेगा और अभ्यर्थियों को बार-बार यात्रा व भीड़भाड़ की परेशानी से राहत मिलेगी। पत्रों में इस बात पर जोर दिया गया है कि पीईटी प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक है, जिसमें लाखों अभ्यर्थी शामिल होते हैं। न्यूनतम कटऑफ तय होने से योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुगम होगा और भर्ती प्रक्रिया अधिक न्यायसंगत बनेगी।
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