UP के इस जिले में 6200 शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच करेगी STF, फर्जी मिले तो जाएगी नौकरी
बहराइच, संवाददाता। यूपी के बहराइच जिले के बेसिक स्कूलों में कार्यरत करीब 6200 शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) करेगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र के शिक्षकों के अभिलेख 15 दिनों के भीतर कार्यालय में जमा कराएं। दस्तावेजों के साथ दो नोटरी शपथ पत्र भी अनिवार्य किए गए हैं। एसटीएफ की जांच की सूचना से शिक्षकों में हलचल है। जांच में दस्तावेज फर्जी मिले तो नौकरी जाएगी।
जिले में 2803 बेसिक स्कूल संचालित हैं। इनमें करीब पांच लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनकी पढ़ाई के लिए लगभग 6200 शिक्षकों की तैनाती है। अब इन सभी के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराया जाएगा। बीएसए कार्यालय में जमा होने वाले दस्तावेज शासन के माध्यम से एसटीएफ को भेजे जाएंगे। एसटीएफ संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालयों से सीधे प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराएगी। जिले में पहले भी फर्जी अंकपत्र और जाली टीईटी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी पाने के मामले सामने आ चुके हैं। जांच में किसी शिक्षक के अभिलेख फर्जी पाए जाने पर सेवा समाप्ति, एफआईआर और वेतन वसूली जैसी कार्रवाई हो सकती है। इससे फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जांच के लिए ये अभिलेख अनिवार्य
शिक्षकों को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंकपत्र व प्रमाण पत्र, स्नातक की डिग्री, बीएड, बीटीसी या डीएलएड के प्रमाण पत्र जमा करने होंगे। इसके अलावा यूपी-टीईटी या सीटीईटी के अंकपत्र, विभाग की ओर से जारी मूल नियुक्ति पत्र और ज्वाइनिंग रिपोर्ट भी देनी होगी। बीएसए कार्यालय ने सभी दस्तावेजों के साथ दो नोटरी शपथ पत्र मांगे हैं। इनमें एक प्रति जांच टीम और दूसरी विभाग के पास रखी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उपलब्ध कराई जा सके।
शपथ पत्र बनवाने के लिए तहसीलों के चक्कर लगा रहे शिक्षक
बहराइच के बीएसए आशीष सिंह ने बताया कि शिक्षक संगठनों का कहना है कि सभी कार्यरत शिक्षकों का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर पहले से अपलोड है। इसके बावजूद उनसे दोबारा अभिलेख और शपथ पत्र मांगे जा रहे हैं। पूरे समय स्कूल में ड्यूटी करने के बाद शपथ पत्र बनवाने के लिए तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बिना शपथ पत्र के अभिलेख जमा नहीं कराए जा रहे हैं। वहीं, बीईओ का कहना है कि शासन से जारी निर्देशों के क्रम में यह प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। हाईकोर्ट के आदेश पर शिक्षकों के अभिलेखों की जांच एसटीएफ कर रही है। सभी शिक्षकों को 15 दिनों में शपथ पत्र के साथ जरूरी दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय से ब्योरा भेजा जा सके।
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