दिवाली से पहले आउटसोर्स कर्मियों को सरकार की बड़ी सौगात, वेतन बढ़कर हुआ इतने हजार रुपये
उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में काम करने वाले लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक की नई और बढ़ी हुई दरों का आध
मुख्य बिंदु:
• श्रेणी-4 के कर्मचारी: सभी कटौतियों के बाद इनके खाते में 15,396 रुपये आएंगे।
• श्रेणी-3 के कर्मचारी: इन्हें हर महीने 16,966 रुपये मिलेंगे।
• श्रेणी-2 के कर्मचारी: इस श्रेणी के कर्मियों को 19,148 रुपये की राशि प्राप्त होगी।
• श्रेणी-1 के कर्मचारी: उच्च श्रेणी के इन कर्मचारियों का कुल पारिश्रमिक 39,000 रुपये तय किया गया है।
उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में काम करने वाले लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक की नई और बढ़ी हुई दरों का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
अब प्रदेश के इन कर्मचारियों को उनकी योग्यता और काम की श्रेणी के हिसाब से 17,646 रुपये से लेकर पूरे 39,000 रुपये तक मासिक पारिश्रमिक मिलेगा। आइए जानते हैं कि कटौती के बाद किस श्रेणी के कर्मचारी के खाते में कितने पैसे आएंगे और इस नए शासनादेश में क्या-क्या खास बातें हैं।
चार श्रेणियों में तय हुआ नया वेतन और डिडक्शन का गणित
प्रमुख सचिव मनीष चौहान की तरफ से सोमवार को इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया गया है। तय की गई नई व्यवस्था के मुताबिक, कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ (EPF) का 12 प्रतिशत और ईएसआई (ESI) का 0.75 प्रतिशत हिस्सा काटा जाएगा। इसके अलावा, नियोक्ता (डिपार्टमेंट) की तरफ से ईपीएफ का 12% और ईएसआई का 3.25% अंशदान संबंधित विभाग द्वारा खुद वहन किया जाएगा, जो भविष्य में कर्मचारियों के खाते में ही जमा होगा।
ईपीएफ और ईएसआई की कटौतियों के बाद कर्मचारियों के हाथ में आने वाली फाइनल सैलरी (In-hand Salary) का हिसाब कुछ इस प्रकार रहेगा:
कब से लागू होगा नया आदेश और विभागों के लिए क्या हैं निर्देश?
सरकार की तरफ से जारी किए गए शासनादेश के अनुसार, यह नई बढ़ी हुई दरें इसी साल 2 सितंबर 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। आपको बता दें कि शासन ने इससे पहले 19 सितंबर 2025 को जारी शासनादेश के तहत आउटसोर्स कर्मियों के वेतन का श्रेणीवार निर्धारण किया था, जिसके बाद अब यह नया अपडेट सामने आया है।
नए नियमों के तहत जीएसटी (GST), सर्विस चार्ज और उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का एक प्रतिशत सेंटेज चार्ज भी अब संबंधित सरकारी विभागों को ही चुकाना होगा। इसके लिए सभी विभागों को अपने बजट में पहले से ही व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन विभागों ने GeM पोर्टल के जरिए तय की गई इन नई दरों से कम वेतन पर कर्मचारियों को रख रखा है, उन्हें अतिरिक्त खर्च वहन करने के लिए पुनर्विनियोग के माध्यम से सरकार द्वारा बजट उपलब्ध कराया जाएगा।
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