UP Special Tet 2026 For Teacher: यूपी के 1.40 लाख शिक्षकों को स्पेशल टीईटी का मौका मिलेगा, आयोग से सरकार ने मांगी कार्ययोजना

UP Special Tet 2026 For Teacher: उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और इसके अलावा विशेष शिक्षकों के लिए बड़ी अपडेट निकलकर सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के सभी कार्यरत शिक्षकों और विशेष शिक्षकों के लिए स्पेशल टीईटी आयोजित करने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद 1.40 लाख से अधिक शिक्षकों और विशेष शिक्षकों को टीईटी अनिवार्य किया गया है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों और इन सभी विशेष शिक्षकों के लिए जल्द ही विशेष टीईटी यानी कि स्पेशल शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाएगी।
शासन ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज से परीक्षा कराने की विस्तृत कार्य योजना तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है, जिससे जल्द से जल्द स्पेशल टीईटी का विज्ञापन जारी किया जा सके और ऐसे शिक्षक, जो अभी तक केंद्रीय शिक्षक पात्रता या फिर उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं कर सके हैं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रभावित हो रहे हैं, उन सभी को नौकरी बचाने का मौका मिल सकेगा। सरकार ने तत्काल विस्तृत कार्य योजना जल्द से जल्द उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया है।
विशेष सचिव ने जारी किया आदेश पत्र
उत्तर प्रदेश के प्राइमरी शिक्षकों को स्पेशल टीईटी कराए जाने को लेकर विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी ने आज 21 जुलाई को इस संबंध में एक पत्र जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने अंजुमन बनाम महाराष्ट्र राज्य सरकार के मामले में 1 सितंबर 2025 को जो आदेश दिया है, उसमें उत्तर प्रदेश सहित देश के सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किया है, चाहे वह आरटीई एक्ट लागू होने से पहले जॉइन किए हैं या फिर बाद में। इसी मामले को लेकर शिक्षक लंबे समय से टीईटी छूट की मांग कर रहे थे और अब स्पेशल टीईटी की मांग कर रहे हैं। शिक्षकों की मांग को लेकर सरकार गंभीर है और स्पेशल टीईटी कराए जाने की तैयारी शुरू कर दी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पेशल टीईटी से पहले सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी और जिस पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले के पुराने फैसले को बरकरार रखा गया था और टीईटी उत्तीर्ण करने की समय सीमा 2 साल से बढ़कर 3 साल कर दी थी। इसके अलावा राज्यों को निर्देश भी दिया था कि शिक्षक पात्रता परीक्षा समय-समय पर कराई जाए। अगर हो सके तो वर्ष में दो बार यानी कि हर 6 महीने में शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जाए, क्योंकि इसके बाद कोर्ट द्वारा टीईटी उत्तीर्ण करने की समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी और ना ही कोई आवेदन स्वीकार किया जाएगा।
कितने शिक्षक होंगे प्रभावित
शासन के अनुसार इस आदेश से प्रदेश के प्राथमिक स्तर के लगभग 64062 शिक्षक प्रभावित होंगे। वहीं उच्च प्राथमिक स्तर की बात की जाए तो लगभग 76256 कार्यरत शिक्षक प्रभावित होंगे। उन्हें शिक्षक पात्रता परीक्षा का अवसर देने के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कराई जाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। सरकार के इस फैसले से काफी शिक्षक ऐसे हैं, जो कि शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं कर सके हैं, उन्हें मौका मिलेगा।
इसके अलावा बता दें रजनीश कुमार पांडे बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के ऐसे ही मामले में 7 मार्च 2025 को एक आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया था। वहीं 6 सितंबर 2025 के शासनादेश के अनुपालन में 5352 विशेष शिक्षक पद भी चिन्हित किए गए हैं। उनमें से संविदा और डेली वेज पर कार्यरत शिक्षकों के चयन के लिए भी स्पेशल टीईटी कराए जाने का निर्णय लिया है। यानी अब इन शिक्षकों को भी स्पेशल शिक्षक पात्रता परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। इसके अंतर्गत लगभग 2500 विशेष शिक्षक यानी सहायक अध्यापक परीक्षा में शामिल होंगे। चयन आयोग से दोनों वर्गों के लिए स्पेशल शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कराई जाने की पूरी कार्य योजना जल्द से जल्द देने को कहा है, जिससे स्पेशल टीईटी के नोटिफिकेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
स्पेशल टीईटी से लाखों शिक्षकों को मिलेगी राहत


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