मनमाने तरीके से वरिष्ठता सूची से कर दिए शिक्षकों के समायोजन Teachers Samayojan

मनमाने तरीके से वरिष्ठता सूची से कर दिए शिक्षकों के समायोजन

बेसिक शिक्षकों के समायोजन में विभागीय अधिकारियों ने बड़ा खेल कर दिया। नगर क्षेत्र में शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारण में नियमों को दरकिनार कर मौलिक नियुक्ति के नाम पर ग्रामीण संवर्ग की प्रथम नियुक्ति से वरिष्ठता निर्धारित कर कनिष्ठ शिक्षकों को विद्यालय से हटा दिया गया।

अब वे कनिष्ठ शिक्षक ही विभाग की अनंतिम वरिष्ठता सूची में वरिष्ठ घोषित किए जा रहे हैं। जनपद में गत 30 दिसंबर को जारी समायोजन सूची को लेकर संगठनों से लेकर शिक्षक तक अंगुलि उठा रहे हैं। अब विभाग द्वारा जारी अंतिम वरिष्ठता सूची ने इसे और विवादित बना दिया है। नगर निगम सीमा विस्तार से नगरीय संवर्ग में आने वाले शिक्षकों की वरिष्ठता का निर्धारण ग्रामीण संवर्ग की मौलिक नियुक्ति के आधार पर करते हुए कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन कर दिया गया, जबकि नगरीय संवर्ग में आने वाले सभी 369 शिक्षकों की नियुक्ति तिथि से गणना नगर में शामिल करने के आदेश की तिथि से की जानी चाहिए थी।


दरअसल, बेसिक शिक्षा नियमावली के अनुसार संवर्ग परिवर्तन या अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण की दशा में सम्बन्धित शिक्षक को उसकी श्रेणी में पहले से कार्यरत शिक्षकों से कनिष्ठ माना जाता है। नियुक्ति तिथि समान होने की दशा में शिक्षकों की वरिष्ठता जन्मतिथि व जन्मतिथि एक होने पर अंग्रेजी वर्णमाला में उनके नाम को प्रथम अक्षर के आधार पर की जाती है, जबकि समायोजन में नगर क्षेत्र के शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारण में इस मानक की अनदेखी की गई। नगर क्षेत्र में शिक्षकों को शामिल करने का एक ही आदेश जारी होने की वजह से सीमा विस्तार से नगर में आने वाले शिक्षकों की नियुक्ति तिथि एक ही मानी जानी चाहिए थी। इस आधार पर जन्मतिथि व नाम के आधार पर वरिष्ठता सूची तैयार होनी थी। अब वरिष्ठता पर पैदा हुए विवाद से पूरी समायोजन प्रक्रिया ही संदेह के घेरे में आ गई है। -जूनियर हाईस्कूल गणेशरा में शिक्षिका ज्योति गुलाटी अन्य शिक्षकों की तरह 30 दिसंबर 2025 को नगर सीमा में शामिल की गईं। जन्मतिथि (24-10-1982) से ज्योति गुलाटी से तीन अन्य शिक्षिका सुमन चाहर, पूजा गुप्ता और मीनू अग्रवाल जूनियर हैं, जबकि समायोजन में उन्हें हटाकर प्राइमरी स्कूल जयसिंह पुरा प्रथम में स्थानांतरित कर दिया गया। ये ही नहीं शिक्षिका का दो-दो बार समायोजन किया गया। -इसी तरह प्राथमिक विद्यालय नौबरामद राजपुर में कार्यरत 4 शिक्षिकाओं में जन्मतिथि के आधार पर पूनम रावत सबसे सीनियर हैं। इसके बावजूद मौलिक नियुक्ति गलत दिखाकर उन्हें कनिष्ठ मानते हुए दूसरे विद्यालय भेज दिया गया। -इसी तरह उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला रामताल में शालिनी परिहार को सबसे सीनियर होने के बावजूद हटा दिया गया जबकि इनसे कनिष्ठ तीन अन्य शिक्षिकाएं विद्यालय में कार्यरत हैं। प्रत्यावेदनों पर नहीं हुई कार्रवाई समायोजन से प्रभावित शिक्षकों का कहना है कि मीडिया‌ में खबर आने के बाद बीएसए द्वारा प्रभावित शिक्षकों से प्रत्यावेदन मांगे गए थे, लेकिन अब तक इन पर कोई संशोधित आदेश जारी नहीं हो सका है। प्रभावित शिक्षक अब हाईकोर्ट‌ का रुख करने का मन बना रहे हैं।

Post a Comment

أحدث أقدم