शीतकालीन अवकाश के दौरान शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत उन प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद भरे जाएंगे, जिनमें छात्र संख्या 150 से अधिक है। इसी प्रकार, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जहाँ 100 से अधिक छात्र हैं, वहाँ भी रिक्त प्रधानाध्यापक पदों को समायोजन के माध्यम से भरा जाएगा। पिछले सप्ताह से इस वरिष्ठता सूची की तैयारी चल रही थी, और आपत्तियों के निस्तारण के बाद मंगलवार को इसे अंतिम रूप से सार्वजनिक किया गया।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ लगातार यह मांग कर रहा था कि समायोजन प्रक्रिया पारदर्शी हो और शिक्षकों की इच्छा का सम्मान किया जाए। विभाग ने इस मांग को स्वीकारते हुए अब शिक्षकों से तीन विकल्प लेने का निर्णय लिया है। शिक्षक अपने घर के आसपास स्थित विद्यालयों को प्राथमिकता के क्रम में चुन सकेंगे, और उनकी पोस्टिंग इन विकल्पों के आधार पर की जाएगी।

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