हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र फाइनल करने के बाद यूपी बोर्ड संवेदनशील जिले और संवेदनशील व अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की सूची तैयार कर रहा है। संवेदनशील व अतिसंवेदनशील केंद्रों की सूची यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआइओएस) से मांगी है। इसके अलावा पिछली परीक्षाओं में जिन जिलों में परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने की कोशिशें हुई थीं, उन्हें संवेदनशील की सूची में डालने की तैयारी है। ऐसे 18 जिलों का प्रस्ताव भेजा गया है। इन जिलों में पुलिस और एसटीएफ की विशेष निगरानी रहेगी।
18 फरवरी से 12 मार्च तक होने वाली हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए 52.30 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। परीक्षा के लिए 8033 केंद्र बनाए गए हैं। निष्पक्ष और नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए बोर्ड ने पूर्व की परीक्षाओं के दौरान नकल में संलिप्तता वाले 639 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र की सूची से पहले ही बाहर कर दिया था। इसमें से 254 विद्यालय डिबार हैं,
माध्यमिक शिक्षा परिषद (उ.प्र.)
जबकि 385 के विरुद्ध मान्यता वापस लिए जाने की कार्यवाही चल रही है। इसके अलावा 18 ऐसे जिलों को चिह्नित किया गया है, जहां पिछली परीक्षाओं में नकल के मामले सामने आए थे। इसमें शामिल जिलों आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा को संवेदनशील की सूची में डालने के लिए
माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके अलावा डीआइओएस से प्राप्त होने वाले संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ पुलिस का विशेष पहरा रहेगा। बोर्ड सचिव ने कहा कि नकल में संलिप्तता मिलने पर दोषियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एक करोड़ रुपये तक जुर्माना व आजीवन कारावास तक की सजा का प्रविधान है।

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