शिक्षक बनने के नियमों में होने जा रहा बड़ा फेरबदल! जानें NCTE के नए फैसले का आप पर क्या होगा असर
NCTE Teacher Recruitment Rules: देश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई शिक्षक भर्ती की न्यूनतम योग्यता और शिक्षक पात्रता परीक्षा के नियमों में बदलाव की तैयारी कर रहा है।
इसके लिए दो विशेषज्ञ समितियों का गठन किया गया है।
इनका मुख्य काम चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम यानी ITEP को शिक्षक भर्ती की योग्यता में शामिल करने के लिए सुझाव देना है। साथ ही केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) और राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (State TET) के नियमों में भी बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि ITEP का पहला बैच 2027 में पढ़ाई पूरी करने वाला है।
2027 में पास होगा पहला बैच
एनसीटीई ITEP को शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम के तौर पर मान्यता देता है, लेकिन मौजूदा भर्ती नियमों और TET की पात्रता में इसे स्पष्ट रूप से शामिल नहीं किया गया है। ITEP का पहला बैच मई-जून 2027 में पासआउट होगा। ऐसे में एनसीटीई नियमों में समय रहते बदलाव करना चाहता है।
अधिकारी के मुताबिक, उम्मीद है कि पहला बैच पास होने से पहले नए नियम अधिसूचित हो जाएंगे। जब तक आधिकारिक बदलाव नहीं होता, तब तक ITEP की डिग्री के आधार पर छात्र शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन या CTET और State TET में शामिल नहीं हो सकेंगे।
BEd और DElEd की मान्यता रहेगी
ITEP को शामिल करने का मतलब यह नहीं है कि BEd, DElEd या BElEd जैसी मौजूदा योग्यताएं खत्म हो जाएंगी। इन्हें पहले की तरह मान्यता मिलती रहेगी।
ITEP को 2023-24 शैक्षणिक सत्र से शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के 5+3+3+4 स्कूल सिस्टम के अनुसार शिक्षकों को तैयार करना है। NEP 2020 में 2030 तक स्कूल शिक्षकों के लिए चार वर्षीय इंटीग्रेटेड डिग्री को न्यूनतम योग्यता बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
पहली समिति भर्ती नियमों पर करेगी काम
8 अक्टूबर के आदेश के तहत पूर्व आईएएस अधिकारी और प्रोफेसर निर्मलजीत सिंह कलसी की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति बनाई गई है। यह समिति 2014 में तय शिक्षक भर्ती की न्यूनतम योग्यता से जुड़े नियमों की समीक्षा करेगी और ITEP को इसमें शामिल करने के लिए संशोधन का मसौदा तैयार करेगी। इसे 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी है।
समिति में शिक्षा मंत्रालय, CBSE, KVS, NVS, रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया, हरियाणा SCERT और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि शामिल हैं।
CTET और State TET के नियम भी बदलेंगे
दूसरी समिति की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर चंद्र किरण सलूजा कर रहे हैं। 10 सदस्यीय यह समिति CTET और State TET के नियमों की समीक्षा करेगी और ITEP छात्रों को इन परीक्षाओं के लिए पात्र बनाने की सिफारिश करेगी। इसमें प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर भी शामिल हैं।
इस समिति में NCERT, शिक्षा मंत्रालय, CBSE, KVS, NVS और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि हैं। इसे 31 अक्टूबर तक अपनी सिफारिशें NCTE को सौंपनी हैं।
409 संस्थानों में चल रहा ITEP
ITEP 12वीं के बाद किया जाने वाला चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स है। इसमें छात्र स्नातक के साथ शिक्षक शिक्षा की पढ़ाई भी करते हैं। इसका उद्देश्य स्नातक के बाद अलग से दो वर्षीय BEd करने वाले पुराने मॉडल का विकल्प देना है।
NCTE के 12 अक्टूबर के आदेश के अनुसार, 409 उच्च शिक्षा संस्थानों को ITEP चलाने की मंजूरी मिली है। इन संस्थानों की 777 यूनिट में कुल 38,850 छात्रों को दाखिला दिया जा सकता है।
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