पोस्टकार्ड से टीईटी की अनिवार्यता को हटाने का छेड़ेंगे अभियान Post Card

पोस्टकार्ड से टीईटी की अनिवार्यता को हटाने का छेड़ेंगे अभियान

उन्नाव। टीईटी की अनिवार्यता पर शिक्षकों का आंदोलन लगातार बढ़ता रहा है। इसे हटाने के लिए अब शिक्षक ों ने चार चरणों में आंदोनल की तैयारी की है। पहले चरण में पोस्टकार्ड से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता पर विरोध दर्ज करने का निर्णय लिया गया है।


दूसरे चरण में 13 अप्रैल को जनपद मुख्यालय पर एकत्र होकर मुख्य मार्गों से मोटरसाइकिल रैली व पैदल मार्च निकाला जाएगा। शाम को मशाल जुलूस आयोजित किया जाएगा। तीसरे चरण में 3 मई को राजधानी लखनऊ स्थित इको गार्डन पार्क में धरना-प्रदर्शन कर विधानसभा तक मार्च किया जाएगा। चौथे चरण में मानसून सत्र के दौरान देशभर के शिक्षक संसद भवन, नई दिल्ली तक मार्च व घेराव करेंगे।

अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के नेतृत्व में निराला उद्यान में सभी शिक्षक संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित कर इस पर चर्चा की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों ने भाग लेते हुए अभियान को व्यापक जनसमर्थन से जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया। पोस्टकार्ड अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। संजय कनौजिया ने कहा कि पोस्टकार्ड विभिन्न स्थानों से क्रय कर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक शिक्षक एवं उनके परिजन इस अभियान में सहभागिता कर सकें। कृष्ण शंकर मिश्र ने कहा कि सभी शिक्षक व उनके पारिवारिक सदस्य पोस्टकार्ड पर अपने-अपने विचार अलग-अलग स्वरूप में लिखेंगे, जिससे अभियान को जनभावना का व्यापक समर्थन मिलेगा। अटेवा के अर्पित मिश्र ने बताया कि 9 मार्च से 15 मार्च के बीच पोस्टकार्ड भेजे जाएंगे। इसके साथ ही ईमेल भेजने की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से संचालित की जाएगी, जिसके लिए मुख्य ईमेल आईडी उपलब्ध कराई जाएगी। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के संजीव संखवार एवं प्रदीप वर्मा ने कहा कि डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया जाएगा। जागरूकता के लिए वीडियो, पोस्टर और बैनर तैयार कर गांव-गांव एवं विद्यालय-विद्यालय तक अभियान को पहुंचाया जाएगा। सुरेन्द्र प्रकाश, शुभम, दिलीप, विनीत, अक्षय, अशोक पाल, धर्मेंद्र सिंह, उमेश, बीरेंद्र, विवेक द्विवेदी आदि ने जन आंदोलन पर जोर दिया।

Post a Comment

أحدث أقدم