टीईटी शुल्क बढ़ा, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के लिए ₹2000 TET FEE

टीईटी शुल्क बढ़ा, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के लिए ₹2000

टीईटी शुल्क बढ़ा, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के लिए 2000 रुपये 

प्रयागराजः उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 के लिए चार वर्ष बाद आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी की है। इससे अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ेगा। नई व्यवस्था के अनुसार प्राथमिक (कक्षा एक से पांच) और उच्च प्राथमिक (कक्षा छह से आठ) दोनों स्तरों की टीईटी के लिए आवेदन करने वाले सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को अब 2000 रुपये शुल्क देना पड़ेगा। इसी तरह हर श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए शुल्क में वृद्धि की गई है।

इससे पहले वर्ष 2021 में टीईटी का आयोजन उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) ने कराया था। उसमें दोनों स्तरों की टीईटी के शुल्क 1200 रुपये निर्धारित था। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक में से किसी एक के लिए शुल्क 600 रुपये था, जबकि अब एक स्तर के लिए शुल्क बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए भी शुल्क में वृद्धि की गई है। अब दोनों स्तरों

चार साल बाद सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए बढ़ाया गया है परीक्षा शुल्क


उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग 27 से लेगा टीईटी के लिए आवेदन

के लिए उन्हें 1000 रुपये देना होगा, जबकि वर्ष 2021 में यह शुल्क 800 रुपये था। पहले एक-एक स्तर के लिए 400 रुपये शुल्क निर्धारित था, जिसे अब बढ़ाकर 500 रुपये किया गया है।

दिव्यांग अभ्यर्थियों को भी इस बार अधिक शुल्क देना पड़ेगा। पहले जहां दोनों स्तरों के लिए कुल 200 रुपये (100-100 रुपये प्रति स्तर) शुल्क लिया जाता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 400 रुपये (200-200 रुपये प्रति स्तर) कर दिया गया है। आयोग के इस निर्णय को लेकर अभ्यर्थियों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां कुछ अभ्यर्थी इसे प्रशासनिक खर्चों में वृद्धि के कारण आवश्यक बता रहे हैं, तो वहीं बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बोझ मान रहे हैं।

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