प्रयागराज: माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर परिषद ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। परिषद के सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश भर में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 1 अप्रैल 2026 तक निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाएगा।
परिषद ने निर्देश दिया है कि मूल्यांकन कार्य पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित वातावरण में कराया जाए। इसके लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित मूल्यांकन केंद्रों पर कई कड़े नियम लागू किए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार प्रदेश में बनाए गए सभी मूल्यांकन केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में की जाएगी। साथ ही जिला स्तर और राज्य स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम से इसकी निगरानी भी की जाएगी, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो सके।
मूल्यांकन केंद्रों पर नियुक्त शिक्षकों, परीक्षकों और अन्य कर्मचारियों के लिए भी कई निर्देश जारी किए गए हैं। मूल्यांकन के दौरान मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए केंद्रों पर मोबाइल रखने की अलग व्यवस्था की जाएगी।
परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन केंद्रों पर केवल अधिकृत शिक्षकों और कर्मचारियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। बिना पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा मूल्यांकन केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।
उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित रख-रखाव और परिवहन को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। मूल्यांकन समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित तरीके से परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय तक पहुंचाया जाएगा।
मूल्यांकन कार्य शुरू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों और परीक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि सभी शिक्षक निर्धारित मानकों के अनुसार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर सकें। परिषद ने निर्देश दिया है कि मूल्यांकन कार्य में गुणवत्ता और निष्पक्षता बनाए रखना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि केवल पारिश्रमिक बढ़ाने के उद्देश्य से अधिक संख्या में कॉपियों की जांच न की जाए। प्रत्येक उत्तर पुस्तिका का सावधानीपूर्वक और सही तरीके से मूल्यांकन किया जाए।
परिषद ने गोपनीयता को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। यदि किसी भी स्तर पर उत्तर पुस्तिकाओं की जानकारी लीक करने या गोपनीयता भंग करने की शिकायत मिलती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिषद का कहना है कि इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है, ताकि परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।



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