लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की आगामी परीक्षाओं को लेकर राज्य सरकार ने बेहद महत्वपूर्ण गाइडलाइंस जारी की हैं। परीक्षार्थियों की गरिमा और सुविधा का ध्यान रखते हुए अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शासनादेश जारी कर स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर अब परीक्षार्थियों के जूते-मोजे नहीं उतरवाए जाएंगे।
तलाशी के लिए सख्त प्रोटोकॉल
नए नियमों के अनुसार, परीक्षार्थियों की गहन जांच केवल परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर ही की जाएगी। सरकार ने महिला सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए यह निर्देश दिया है कि:
- किसी भी छात्रा की तलाशी पुरुष शिक्षक नहीं लेंगे।
- चेकिंग के दौरान किसी भी परीक्षार्थी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया जाएगा।
सीसीटीवी और वॉइस रिकॉर्डर अनिवार्य
परीक्षा में शुचिता बनाए रखने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। शासनादेश में स्पष्ट है कि:
- लाइव निगरानी: बिना सीसीटीवी कैमरे और वॉइस रिकॉर्डर के किसी भी केंद्र पर परीक्षा आयोजित नहीं होगी।
- बैकअप: डीवीआर (DVR) की रिकॉर्डिंग को कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
- तकनीकी खराबी: यदि कैमरा या रिकॉर्डर खराब होता है, तो इसकी सूचना तुरंत DIOS और कंट्रोल रूम को देनी होगी।
नकल रोकने के लिए नए सुरक्षा उपाय
नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने उत्तर पुस्तिकाओं में भी बदलाव किया है। अब परीक्षार्थियों को अपनी उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर रोल नंबर और कॉपी क्रमांक लिखना होगा, ताकि पेज बदलने की गुंजाइश न रहे।
कक्ष निरीक्षकों और स्टाफ के लिए निर्देश
- मोबाइल पर पाबंदी: ड्यूटी पर तैनात कक्ष निरीक्षकों और कर्मचारियों को अपने मोबाइल और गैजेट्स केंद्र के बाहर ही जमा करने होंगे।
- विषय शिक्षक: जिस दिन जिस विषय की परीक्षा होगी, उस विषय के शिक्षक की ड्यूटी उस दिन नहीं लगाई जाएगी।
- पहचान पत्र: प्रवेश पत्र के साथ-साथ सभी ड्यूटी स्टाफ के आईडी कार्ड की भी सघन जांच होगी।
मीडिया और बाहरी प्रवेश पर रोक
केंद्र की गोपनीयता बनाए रखने के लिए परीक्षा के दौरान फोटोग्राफी पूरी तरह वर्जित रहेगी। साथ ही, केंद्र स्तर पर मीडिया ब्रीफिंग पर भी रोक लगा दी गई है। सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट अपनी दैनिक रिपोर्ट सीधे जिलाधिकारी (DM) और DIOS को सौंपेंगे।

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