अब सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां ‘मानव संपदा’ पोर्टल से ही स्वीकृत होंगी, मुख्य सचिव का सख्त निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की अवकाश स्वीकृति प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने के लिए एक बार फिर सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार के सभी विभागों, कार्यालयों, स्वायत्तशासी संस्थाओं और निगमों में कार्यरत नियमित कर्मचारियों के समस्त प्रकार के अवकाश की स्वीकृति केवल ‘मानव संपदा’ पोर्टल के माध्यम से ही सुनिश्चित की जाए।
11 फरवरी 2026 को जारी इस पत्र में कहा गया है कि सरकारी सेवाओं से संबंधित प्रकरणों में त्वरित और पारदर्शी कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘मानव संपदा’ पोर्टल संचालित किया जा रहा है। इसके सफल संचालन के लिए सभी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों का शत-प्रतिशत पंजीकरण अनिवार्य है। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि पोर्टल के विभिन्न मॉड्यूल का उपयोग विभागाध्यक्षों और कर्मचारियों द्वारा नियमित रूप से किया जाए।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि कार्मिक विभाग द्वारा पूर्व में 9 दिसंबर 2025, 22 दिसंबर 2025 और 30 दिसंबर 2025 को भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट कहा गया था कि कर्मचारियों के अवकाश संबंधी सभी आवेदन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकृत और निस्तारित किए जाएं। इसके बावजूद समीक्षा में पाया गया कि कई विभागों में इन निर्देशों का पूर्ण अनुपालन नहीं हो रहा है।
मुख्य सचिव ने इस स्थिति पर गंभीरता जताते हुए सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने अधीनस्थ कार्यालयों में कर्मचारियों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करें और सभी प्रकार की छुट्टियों की स्वीकृति केवल ‘मानव संपदा’ पोर्टल के जरिए ही कराएं।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से अवकाश प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा और कर्मचारियों की सेवा संबंधी सूचनाएं डिजिटल रूप से सुरक्षित एवं व्यवस्थित रहेंगी। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इन निर्देशों का कितनी सख्ती से पालन सुनिश्चित कर पाते हैं।
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