राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम के सभी 6 छंदों का पाठ अनिवार्य, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जारी किए दिशा-निर्देश, गाने की अवधि 3 मिनट 10 सेकंड
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सरकारी समारोहों और स्कूलों में राष्ट्रगान जन गण मन से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के सभी छह छंदों के गान को अनिवार्य बना दिया है। इनमें वह चार छंद भी शामिल हैं, जिन्हें कांग्रेस ने 1937 में हटा दिया था। इस संबंध में गृह मंत्रालय ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार, राष्ट्रीय गीत गाने या बजाने के दौरान उपस्थित सभी लोगों को खड़ा होना अनिवार्य है। हालांकि, सिनेमाघरों में यह अनिवार्य नहीं होगा।
28 जनवरी को जारी आदेश में, गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान गाने के लिए संशोधित प्रोटोकॉल का पहला सेट जारी किया। इसमें निर्देश दिया गया है कि किसी भी सरकारी या सार्वजनिक समारोह में राष्ट्रपति के आगमन, तिरंगा फहराने, राज्यपालों के भाषण और सांस्कृतिक अवसरों या परेड के अलावा अन्य औपचारिक समारोहों जैसे आधिकारिक समारोहों में राष्ट्रीय गीत के सभी छह श्लोक गाए जाएंगे, जिनकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड है।
निर्देश में कहा गया है कि जब राष्ट्रगान और वंदे मातरम दोनों गाए या बजाए जाएं, तो पहले राष्ट्रीय गीत गाया या बजाया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि जब भी राष्ट्रीय गीत गाया जाए, तो आधिकारिक संस्करण को सामूहिक गायन के साथ पढ़ा जाएगा। राष्ट्रीय गीत के गान के समय उपस्थित लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा होना होगा। सभी विद्यालयों में दिन की शुरुआत राष्ट्रीय गीत के सामूहिक गायन से की जा सकती है। बता दें कि केंद्र सरकार वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मना रही है।
महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी गायन
राष्ट्रीय गीत उन अवसरों पर गाया जा सकता है जो औपचारिक न होते हुए भी, मंत्रियों या अन्य लोगों की उपस्थिति के कारण महत्व रखते हैं। ऐसे अवसरों पर सामूहिक गायन के साथ राष्ट्रीय गीत गाना आवश्यक है। आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय गीत के साथ सामूहिक गायन पर कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते यह मातृभूमि को सम्मानपूर्वक प्रणाम करते हुए किया जाए और उचित मर्यादा का पालन किया जाए।
राष्ट्रीय गीत बंकिम चंद्र चटर्जी की रचना
संविधान सभा की ओर से 24 जनवरी, 1950 को पारित प्रस्ताव में यह निर्णय लिया गया कि जन गण मन नामक गीत और संगीत से युक्त रचना भारत का राष्ट्रगान है और बंकिम चंद्र चटर्जी की रचना आनंदमठ से लिया गया गती वंदे मातरम देश का राष्ट्रीय गीत होगा। वंदे मातरम स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान प्रेरणादायक नारा बन गया था। चटर्जी ने इसकी रचना 1875 में की थी और बाद में इसे 1882 में प्रकाशित उपन्यास आनंदमठ में शामिल किया था।
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