किताबों की आपूर्ति, आरटीई में प्रवेश की प्रगति जांचेंगे अपर मुख्य सचिव
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को नए सत्र 2026-27 में समय से किताबें वितरित कराने की कवायद तेज हो गई है। इसके तहत कई जिलों में 80 फीसदी तक किताबों की आपूर्ति हो गई है। अब जिले में इसका टेंडर कर मार्च में वितरण सुनिश्चित किया जाना है। इसी क्रम में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा 26 फरवरी को बैठक कर विभागीय कार्यों की प्रगति जांचेंगे। इसमें प्रमुख रूप से सत्र 2026-27 में पाठ्य पुस्तकों की समय से आपूर्ति, आरटीई में प्रवेश व जिलावार फीस प्रतिपूर्ति के लिए दी गई राशि के भुगतान की स्थिति शामिल है।
इसके साथ ही अपर मुख्य सचिव पीएमश्री योजना में एसएनए स्पोर्ट के माध्यम से वित्तीय व्यय, पीएम पोषण योजना के अंतर्गत वित्तीय प्रगति की भी समीक्षा करेंगे। सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक व बीएसए की ऑनलाइन समीक्षा बैठक में वे नव भारत साक्षरता के व्यय, समग्र शिक्षा की विभिन्न योजनाओं, फर्नीचर खरीद व भुगतान, होली से पहले सभी कार्मिकों के वेतन भुगतान, आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास व टैबलेट, सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय की दूसरी किश्त के उपभोग प्रमाण पत्र की स्थित की भी समीक्षा करेंगे।
नए सत्र में समय पर किताबें देने की तैयारी तेज, 26 फरवरी की बैठक में होगी समीक्षा
लखनऊ : नए शैक्षिक सत्र में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों को समय से किताबें मिलें, इसके लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने 26 फरवरी को बैठक बुलाई है। बैठक में किताबों की आपूर्ति से लेकर आरटीई के तहत शुल्क प्रतिपूर्ति, सीएम माडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण और स्कूलों की जमीनी स्थिति की समीक्षा होगी।
शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए पाठ्य-पुस्तकों की समयबद्ध आपूर्ति करने के लिए ट्रांसपोर्ट टेंडर की स्थिति पर भी नजर रखी जाएगी। विद्यालयों में स्वच्छ व क्रियाशील बालिका शौचालयों की स्थिति, प्रेरणा पोर्टल पर फोटो अपलोड की प्रगति और यू-डायस पर रिपोर्ट अपडेट की स्थिति भी देखी जाएगी। पीएमश्री योजना, पीएम पोषण योजना और नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के खर्च की भी समीक्षा होगी।
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