बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों एवं बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों (अनुदानित एवं स्ववित्त पोषित) में कार्यरत कार्मिकों और शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस उपचार, सरकार ने 30 जून तक मांगा लाभार्थियों का विवरण Cashless Treatment

बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों एवं बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों (अनुदानित एवं स्ववित्त पोषित) में कार्यरत कार्मिकों और शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस उपचार, सरकार ने 30 जून तक मांगा लाभार्थियों का विवरण


मुख्य बिंदु:

• बेसिक और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की पहल

• मिड डे मील से जुड़े रसोइयों और उनके आश्रित परिवारों को भी योजना का लाभ

• 30 जून तक सभी लाभार्थियों का डेटा संकलित कर उपलब्ध कराने के निर्देश

• जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नामित, कार्रवाई में तेजी के निर्देश


प्राइमरी का मास्टर • कॉम । प्रदेश में शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों, मान्यता प्राप्त विद्यालयों तथा बेसिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और विशेष शिक्षकों के साथ-साथ मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों एवं उनके आश्रित परिवारों को भी इस सुविधा का लाभ प्रदान किया जाएगा।

पत्र में निर्देश दिया गया है कि शासन के आदेशों के अनुपालन में संबंधित सभी लाभार्थियों का विवरण निर्धारित प्रारूप में संकलित किया जाए और इसे समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 30 जून तक यह संपूर्ण डेटा संबंधित अधिकारियों के माध्यम से एकत्र कर बेसिक शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

इस कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए शिक्षा निदेशक (बेसिक) को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और संबंधित इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे पत्र के साथ संलग्न प्रपत्रों का गहन अध्ययन करते हुए शिक्षकों और कर्मचारियों से संबंधित आवश्यक सूचनाएं शीघ्रता से संकलित करें और समय सीमा के भीतर विभाग को भेजना सुनिश्चित करें।

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी, जिससे वे अधिक निश्चिंत होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के साथ-साथ अधीनस्थ स्तर तक इसकी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।



प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों एवं बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों (अनुदानित एवं स्ववित्त पोषित) में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (CWSN), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत वार्डेन, पूर्ण कालिक / अंशकालिक शिक्षक/ शिक्षिका एवं प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोईया एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान किये जाने के संबंध में।



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