23 से 25 फरवरी तक विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे यूपी के शिक्षक
टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ यूपी के शिक्षक संगठनों ने आंदोलन तेज करने का लिया निर्णय
23 फरवरी 2026
लखनऊः परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। राजधानी में रविवार को हुई बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों ने मिलकर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (जेटीएफआइ) का गठन किया और शिक्षक हितों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
बैठक में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील पांडेय ने कहा कि टीईटी के मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ी जाएगी। अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने इसे शिक्षकों के अस्तित्व की लड़ाई बताते हुए हर मोर्चे पर संघर्ष जारी रखने की बात कही।
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि शिक्षकों ने नियुक्ति के समय सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी कर नौकरी प्राप्त की है, ऐसे में अब उन्हें टीईटी के बिना अपात्र बताना पूरी तरह गलत है।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय मणि त्रिपाठी ने सरकार से आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार रहने की बात कही। वहीं बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि महासंघ शिक्षकों का किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने देगा, संघर्ष अब और तेज होगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि नौ मार्च से 15 मार्च तक 'शिक्षकों की पाती' नाम से ईमेल और पोस्टकार्ड अभियान चलाया जाएगा।
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