UP Board Practical Exam: अब एक दिन में सिर्फ 80 छात्रों का होगा प्रैक्टिकल, कापियों को लेकर बदला ये नियम
संवाद सहयोगी, जागरण, रामपुर। परीक्षक एक दिन में 80 से ज्यादा परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं ले सकेंगे। प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए एक दिन में अधिकतम दो बैच बनाए जाएंगे और प्रत्येक वैच में विद्यार्थियों की संख्या 40 से अधिक नहीं होगी।
एक दिन में अधिकतम 80 विद्यार्थियों के प्राप्तांक ही आनलाइन अपलोड किए जाएंगे।
प्रयोगात्मक परीक्षक को धमकी, लालच, बाधा या बल प्रयोग से प्रैक्टिकल प्रभावित करने या प्रयास करने वाले पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम 2024 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिले में तीन फरवरी से नौ फरवरी तक प्रस्तावित यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा की कापियों को एक साल तक सुरक्षित रखना होगा।
बोर्ड ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को प्रयोगात्मक परीक्षा के संबंध में निर्देश भेजे हैं। परीक्षकों को निर्देशित किया है कि कापियों को अपने पास एक साल तक संरक्षित रखें जिसे मांगने पर उपलब्ध कराना होगा। पहले सुरक्षित कापियां रखने की कोई समय सीमा नहीं थी। इंटरमीडिएट में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, कंप्यूटर, गृह विज्ञान आदि विषयों में अलग अलग दो प्रैक्टिकल करने होते हैं।
छात्र-छात्राओं को किए गए प्रयोग की कापी भी लिखनी होती है। परीक्षा की उत्तरपुस्तिका पर उपलब्ध टेबल पर, मौखिक और प्रोजेक्ट सत्र कार्य (आंतरिक व वाह्य) का अलग अलग नंबर होता है। ये कापियां स्कूल वाले ही छपवाकर उपलब्ध कराते हैं और परीक्षक उसी पर प्रायोगिक परीक्षा लेते हैं।
जिले में प्रयोगात्मक परीक्षा आयोजित कराने वाले विद्यालयों के सापेक्ष रैंडम आधार पर लगभग दो प्रतिशत तक विद्यालयों का आडिट भी बोर्ड मुख्यालय की ओर से कराया जाएगा।
एक दिन में अधिकतम बनाए जाएंगे दो बैच
प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए एक दिन में अधिकतम दो बैच बनाए जाएंगे और प्रत्येक वैच में विद्यार्थियों की संख्या 40 से अधिक नहीं होगी। एक दिन में अधिकतम 80 विद्यार्थियों के प्राप्तांक ही आनलाइन अपलोड किए जाएंगे।
प्रयोगात्मक परीक्षक को धमकी, लालच, बाधा या बल प्रयोग से प्रैक्टिकल प्रभावित करने या प्रयास करने वाले पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें इसमें आजीवन कारावास का प्रावधान है।
स्क्रूटनी तक रखते हैं लिखित परीक्षा की कापियां
प्रयोगात्मक प्रायोगिक परीक्षा की कापियां भले ही सालभर रखने के निर्देश परीक्षकों को दिए हैं लेकिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तरपुस्तिकाएं स्क्रूटनी तक सुरक्षित रखी जाती है। स्क्रूटनी का परिणाम घोषित होने के बाद लिखित परीक्षा की कापियां नष्ट कर दी जाती हैं।
एक दिन में अधिकतम 80 विद्यार्थियों के प्राप्तांक ही आनलाइन अपलोड किए जाएंगे। प्रयोगात्मक परीक्षक को धमकी, लालच, बाधा या बल प्रयोग से प्रैक्टिकल प्रभावित करने या प्रयास करने वाले पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम 2024 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें इसमें आजीवन कारावास का प्रावधान है।
- अंजलि अग्रवाल, डीआईओएस, रामपुर
إرسال تعليق