UP में रजिस्ट्री फीस के भुगतान में बड़ा बदलाव: 20,000 से अधिक राशि अब सिर्फ ऑनलाइन जमा होगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर दिया है। अब राज्य में ₹20,000/- से अधिक की रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से ही किया जा सकेगा। नकद भुगतान इस सीमा से ऊपर स्वीकार नहीं होगा।
यह निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हाल ही में हुई समीक्षा बैठकों के निर्देशों के बाद लागू किया गया है। इसका उद्देश्य विभागीय पारदर्शिता बढ़ाना, भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल रूप में मजबूत करना तथा नकद लेनदेन की जटिलताओं को कम करना है।
राज्यभर में एकरूप व्यवस्था
सरकार के निर्देश के अनुसार यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में एक समान रूप से लागू की जाएगी। पंजीकरण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान से रिकॉर्ड प्रबंधन, ट्रैकिंग और शिकायत निवारण में भी आसानी होगी।
राज्य के नागरिकों पर प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से:
✔ रियल एस्टेट और जमीन संबंधी रजिस्ट्री प्रक्रियाएँ अधिक पारदर्शी होंगी
✔ नकद लेन-देन से होने वाली त्रुटियों और विवादों में कमी आएगी
✔ डिजिटल भुगतान से समय और श्रम दोनों की बचत होगी
हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट सुविधा को लेकर कुछ चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं।
कब से लागू होगी व्यवस्था?
नई व्यवस्था 12 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। इसके बाद नकद में 20,000 से अधिक की फीस जमा नहीं की जा सकेगी। विभाग अब इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने की भी तैयारी कर रहा है।
डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यूपी सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय भूमि पंजीकरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है। नागरिकों और रजिस्ट्री विभाग दोनों के लिए यह बदलाव संरचनात्मक सुधार लेकर आएगा।
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