लखनऊ। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों एवं वालंटियरों के सर्वे/चिन्हांकन कार्य को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा द्वारा जारी निर्देशों के बावजूद अब तक कई जनपदों में सर्वे कार्य प्रारंभ नहीं होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के पत्रांक सा० एवं वै० शि०/10290-385/2025-26 दिनांक 24 नवम्बर 2025 के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु 15+ आयु वर्ग के असाक्षरों एवं वालंटियरों का शत-प्रतिशत सर्वे कराने के निर्देश दिए गए थे।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया था कि यह सर्वे परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर Ullas Survey App पर कराया जाए।
शिक्षामित्रों को सर्वेयर नामित न करने से रुका सर्वे कार्य
उल्लेखनीय है कि उक्त निर्देश जारी होने के बावजूद अभी तक प्रदेश के किसी भी विद्यालय में शिक्षामित्रों को Ullas Survey App पर सर्वेयर के रूप में नामित नहीं किया गया है।
इस कारण 15+ आयु वर्ग के असाक्षरों एवं वालंटियरों के सर्वे कार्य में शत-प्रतिशत प्रगति नहीं हो सकी है।
विभागीय आदेशों की अवहेलना मानी जाएगी लापरवाही
विभाग ने इस स्थिति को न केवल महानिदेशक के आदेशों की अवहेलना, बल्कि उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रति अरुचि एवं गंभीर लापरवाही के रूप में देखा है। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया है कि ऐसी स्थिति कदापि स्वीकार्य नहीं है।
15 जनवरी 2026 तक सर्वे पूर्ण कराने के सख्त निर्देश
पुनः निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि—
- परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षामित्रों को Ullas Survey App पर सर्वेयर के रूप में नामित किया जाए
- उनके माध्यम से 15+ आयु वर्ग के असाक्षरों एवं वालंटियरों का लक्ष्य के सापेक्ष 100% सर्वे कराया जाए
- यह कार्य हर हाल में 15 जनवरी 2026 तक पूर्ण किया जाए
साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

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