सीनियर देखा न जूनियर, यूपी के परिषदीय स्कूलों में कैसे हो रहा समायोजन? तबादलों पर भड़के शिक्षक
बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के समायोजन में अफसरों पर मनमानी के आरोप लगे हैं। शिक्षकों का कहना है कि अफसरों ने मनमानी की सीमा पार कर दी है। यू-डायस पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर हुए समायोजन से पहले न तो शिक्षकों से विकल्प लिया गया न ही वरिष्ठ या कनिष्ठ शिक्षक को ही देखा गया।
जहां जिस बेसिक शिक्षा अधिकारी को जो समझ में आया, तबादला आदेश जारी कर दिया। आक्रोशित शिक्षक हाईकोर्ट खुलने पर समायोजन आदेश को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
जिन जिलों में कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन हुआ है उनमें अमेठी, मथुरा, रायबरेली, बदायूं, हरदोई, देवरिया, हाथरस, उन्नाव, बुलंदशहर, लखीमपुर खीरी, बागपत और पीलीभीत आदि शामिल हैं। वहीं, जिन जिलों में वरिष्ठ शिक्षकों का समायोजन हुआ है उनमें अमरोहा, हापुड़, वाराणसी, चित्रकूट, बरेली, रामपुर, आगरा, गोरखपुर, फर्रुखाबाद, कुशीनगर, संत कबीर नगर, फिरोजाबाद, फतेहपुर और सीतापुर आदि शामिल हैं।
शिक्षक नेता निर्भय सिंह का कहना है कि कई जिलों जैसे बाराबंकी, लखनऊ आदि में यू-डायस पोर्टल पर शिक्षकों को 31 दिसम्बर को ही स्कूल से स्थानान्तरित कर दिया गया है। अभी तक सूची जारी नहीं हुई कि किसे किस स्कूल भेजा गया है। इसे लेकर शिक्षक परेशान हैं।
प्रयागराज में समायोजन में मनमानी का आरोप
आरोप है कि संदीप कुमार तिवारी का समायोजन मेजा के कंपोजिट विद्यालय नेवढ़िया से उच्च प्राथमिक विद्यालय महुलीकलां में हुआ जो कि 40 किलोमीटर दूर है जबकि दो किमी दूर बगल का स्कूल एकल था। संदीप कुमार जुलाई-अगस्त 2025 में समायोजन के दौरान प्रधानाध्यापक बिसाहिजन खुर्द से नेवढ़िया गए थे। आरोप है कि स्वेच्छा से समायोजन लेने के छह महीने के अंदर दोबारा जबरदस्ती समायोजन कर दिया गया। उनसे वरिष्ठ दो शिक्षक हैं जिनका समायोजन नहीं हुआ। उच्च प्राथमिक विद्यालय शृंग्वेरपुर से हिंदी की अकेली शिक्षक सुनीता चौरसिया का समायोजन मादूपुर कर दिया गया। जबकि उनके स्कूल में एक विषय में दो शिक्षिकाएं हैं, उनमें से किसी का समायोजन नहीं हुआ। कई स्कूल ऐसे हैं जिसमें वरिष्ठ और कनिष्ठ को छोड़कर अन्य शिक्षकों का समायोजन हो गया है।
प्राइमरी हेड को जूनियर में किया समायोजित
जौनपुर और कासगंज समेत कुछ जिलों में प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को उच्च प्राथमिक स्कूल में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित कर दिया गया है। जबकि इसे लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। सैकड़ों शिक्षकों ने प्राथमिक से उच्च प्राथमिक में समायोजन या पदोन्नति में टीईटी लागू करने के लिए हाईकोर्ट में याचिकाएं कर रखी है।
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