यूपी के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों अनिवार्य रूप से होगा ये काम, डेडलाइन भी तय Ladies toilet

यूपी के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों अनिवार्य रूप से होगा ये काम, डेडलाइन भी तय

उत्तर प्रदेश के सभी परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों और माध्यमिक स्कूलों में अनिवार्य रूप से महिला शौचालय की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए डेडलाइन भी तय हो गई है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले यह काम होना है।

अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) और बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निर्देश दिए हैं कि समय से काम पूरा करें।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 26 से 28 दिसंबर 2025 को मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में निर्देश दिए थे कि 8 मार्च 2026 तक अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले सभी विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं को शौचालय की सुविधा हर हाल में दी जाए। ऐसे में यूपी के सरकारी बेसिक व माध्यमिक स्कूलों में तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। पांच मार्च 2026 तक हर हाल में यह कार्य पूरा किया जाएगा। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी इस कार्य की निगरानी करेंगी। जिससे समय पर शत-प्रतिशत निर्मित, सुसज्जित, क्रियाशील एवं साफ-सुथरे शौचालक उपलब्ध हो सकें।

आठ मार्च को मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च को विश्व भर में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1977 में इसकी आधिकारिक घोषणा की गई थी।

यूपी दिवस पर नुक्कड़ नाटकों से पेश की शिक्षा की बदली तस्वीर

उधर, यूपी दिवस के अवसर पर प्रदेश भर में सभी मंडलों में 54 स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया। इसमें विशेष रूप से शिक्षा की बदली तस्वीर को पेश किया गया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से नामित ए श्रेणी के नाट्य दलों ने बेहद की उम्दा ढंग से यूपी की विकास गाथा बयां की।

नाट्य दलों ने सरकारी योजनाओं, सामाजिक सरोकारों और बदली शिक्षा व्यवस्था को लेकर आमजन से सीधा संवाद किया। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक कुप्रथाओं का उन्मूलन, जन कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ लोगों को शिक्षा में हुए बदलावों की जानकारी दी गई। पांच से छह वर्ष के बच्चों के लिए बालवाटिका के माध्यम से सुरक्षित, आनंदमय व खेल आधारित पूर्व प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। जहां चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर, आउटडोर प्ले सामग्री, ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूलों व पीएम श्री स्कूलों के माध्यम से आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के विकास के बारे में जानकारी दी गई। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह का कहना है कि नुक्कड़ नाटक जनसंवाद का सशक्त माध्यम है। जिसकी मदद से लोगों को यूपी की विकास गाथा प्रभावी ढंग से बताई गई।

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