कोर्ट के फैसले से शिक्षकों के बीईओ बनने का रास्ता साफ COURT ORDER

कोर्ट के फैसले से शिक्षकों के बीईओ बनने का रास्ता साफ

उन्नाव। खंड शिक्षाधिकारी बनने के लिए लंबे समय से राह देख रहे शिक्षकों को अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कोर्ट के आदेश के बाद जिले के छह शिक्षकों के बीईओ बनने का रास्ता साफ हो गया है।

इसके लिए बेसिक शिक्षा निदेशक ने पत्र भी जारी किया है। जनपद से शिक्षक अनिल कुमार बाजपेई व स्वदेश कुमार के अलावा चार और भी शिक्षक इस न्यायिक प्रक्रिया में याची बने थे। कोर्ट के आदेश के बाद सुमेरपुर के तीन, हिलौली के दो शिक्षक और मियागंज के एक शिक्षक को बीईओ बनने का अवसर मिला है। कोर्ट के आदेश को अमल में लाकर बेसिक शिक्षा निदेशक ने भी आदेश जारी कर दिया है।


शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। कहा कि यह माामला परिषदीय शिक्षकों के लिए काफी अहम है। क्योंकि इसमें न्यायालय ने न केवल बीईओ पद पर पदोन्नति के नियमों की पुन: पुष्टि की है, बल्कि यह भी स्पष्ट संदेश दिया है कि न्यायिक आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जा सकते हैं। शिक्षा विभाग में इस फैसले के दूरगामी प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है। न्यायालय ने अपने 25 सितंबर 2024 को पारित आदेश के तहत निदेशक, बेसिक शिक्षा को यह निर्देश दिया था कि वे परिषदीय शिक्षकों के बीईओ पद पर पदोन्नति के मामले पर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शिक्षा (प्रांतीय उप विद्यालय निरीक्षक) सेवा नियमावली के अंतर्गत पुनर्विचार करें और आठ सप्ताह की अवधि में निर्णय लें। बावजूद विभाग द्वारा 19 दिसंबर 2024 को पारित आदेश में नियम के अनुसार सम्यक विचार नहीं किया गया। जिसे न्यायालय ने आदेश की अवहेलना माना। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि उसके आदेशों की अवहेलना किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है।

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