जिले के 60 बंद विद्यालयों में पहुंचे शिक्षक, पढ़ाई शुरू Teachers Transfer

जिले के 60 बंद विद्यालयों में पहुंचे शिक्षक, पढ़ाई शुरू

सोनभद्र, संवाददाता। जनपद में लंबे समय से शिक्षकविहीन होकर बंद पड़े 60 परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। इन विद्यालयों में शिक्षकों को अटैच करके पठन-पाठन कराया जा रहा था।

बंद विद्यालयों में ठप पड़ी पढ़ाई अब दोबारा शुरू हो गई है, जिससे सुदूर ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के हजारों बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से किए गए इस समायोजन के तहत राबर्ट्सगंज और म्योरपुर ब्लाक में तैनात सबसे अधिक शिक्षकों को उन विद्यालयों में भेजा गया है, जहां वर्षों से शिक्षक न होने के कारण शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो रही थी।


इस प्रक्रिया में कुल 60 शिक्षकों का समायोजन अलग-अलग ब्लॉकों में किया गया है। अब तक इन विद्यालयों में दूसरे स्कूलों के शिक्षकों को अटैच कर काम चलाया जा रहा था, जिससे न तो नियमित कक्षाएं संचालित हो पा रही थी और न ही शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित हो रही थी। स्थायी रूप से शिक्षकों की तैनाती के बाद अब इन स्कूलों में नियमित पठन-पाठन की व्यवस्था बहाल हो गई है। जिले में वर्तमान में 2061 परिषदीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है, जिनमें लगभग छह हजार शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षामित्र तैनात हैं। इसके बावजूद जिले के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में शिक्षक न होने से बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह बाधित थी, जिस पर लगातार सवाल उठ रहे थे। विभागीय स्तर पर किए गए इस समायोजन को शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस निर्णय से विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ेगी और शिक्षा का स्तर भी बेहतर होगा। जनपद में वर्तमान में 2061 परिषदीय विद्यालयों संचालित हैं, जिनमें लगभग छह हजार शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षामित्र तैनात हैं। दुर्गम भौगोलिक स्थिति, सड़क और परिवहन की कमी के कारण कई शिक्षक सुदूर विद्यालयों में जाने से बचते रहे, जिसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ा। विशेषकर बभनी, नगवां, दुद्धी और रामपुर बरकोनिया जैसे क्षेत्रों में शिक्षकविहीन विद्यालयों की समस्या सबसे गंभीर रही है। कई स्थानों पर एक शिक्षक के भरोसे पूरे विद्यालय का संचालन किया जा रहा था, जबकि कहीं-कहीं विद्यालय पूरी तरह बंद पड़े थे। शिक्षकों की नियमित तैनाती के बाद इन विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस निर्णय से न केवल नामांकन और उपस्थिति में सुधार होगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। जिले के शिक्षिकविहीन 60 विद्यालयों में शिक्षकों का समायोजन कर दिया गया है। शिक्षकों को विद्यालयों में तत्काल ज्वाइन करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। - मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए।

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