शिक्षा विभाग में सख्ती, 31 जनवरी तक संपत्ति विवरण अपलोड न करने पर फरवरी का वेतन रुकेगा Property Details

शिक्षा विभाग में सख्ती, 31 जनवरी तक संपत्ति विवरण अपलोड न करने पर फरवरी का वेतन रुकेगा

उत्तर प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। शासन के आदेश के अनुसार सभी संबंधित कार्मिकों को 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा।

निर्धारित समय सीमा के भीतर संपत्ति का ब्योरा अपलोड न करने वाले कर्मचारियों का फरवरी माह का वेतन रोक दिया जाएगा।


शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, सहायता प्राप्त विद्यालयों और राजकीय विद्यालयों में कार्यरत सभी स्थायी, अस्थायी और संविदा कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा। शासन का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति संबंधी जानकारी को पारदर्शी बनाना और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, पहले भी कई बार कर्मचारियों को संपत्ति विवरण ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों ने इसका पालन नहीं किया। इसके बाद शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण अपलोड करना अब सेवा शर्तों का अनिवार्य हिस्सा माना जाएगा।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संपत्ति विवरण में कर्मचारियों को अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की चल संपत्ति जैसे नकद, बैंक जमा, वाहन, आभूषण आदि के साथ-साथ अचल संपत्ति जैसे भूमि, मकान, फ्लैट और अन्य संपत्तियों की पूरी जानकारी देनी होगी। यह विवरण पूरी तरह सही और अद्यतन होना चाहिए, क्योंकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जांच के दौरान इसका सत्यापन किया जा सकता है।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 31 जनवरी के बाद मानव संपदा पोर्टल पर डेटा लॉक कर दिया जाएगा। इसके बाद जिन कर्मचारियों का संपत्ति विवरण अपलोड नहीं होगा, उनके नाम की सूची तैयार कर संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी जाएगी। ऐसे कर्मचारियों का फरवरी माह का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की होगी।

इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। कई शिक्षक और कर्मचारी मानव संपदा पोर्टल पर लॉगिन कर संपत्ति विवरण अपडेट करने में जुट गए हैं। वहीं कुछ स्थानों पर तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें भी सामने आई हैं। इस पर विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी कर्मचारी को तकनीकी समस्या आ रही है तो वह समय रहते संबंधित कार्यालय या आईटी सेल से संपर्क करे, ताकि अंतिम तिथि से पहले समस्या का समाधान हो सके।

शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। सरकारी सेवा में रहते हुए संपत्ति का विवरण देना नियमों के तहत पहले से अनिवार्य है, लेकिन अब इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है।

शासन की इस सख्ती को लेकर कर्मचारी संगठनों में भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अधिकांश संगठनों ने इसे नियमों के तहत आवश्यक प्रक्रिया बताया है, लेकिन साथ ही तकनीकी सुविधाओं को और बेहतर करने की मांग भी उठाई है।

फिलहाल शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्योरा अपलोड कर दें, ताकि वेतन रुकने जैसी कार्रवाई से बचा जा सके।

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