लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों के बच्चों में छिपी प्रतिभा को निखारने और उन्हें एक बेहतर मंच प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल की है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा "प्रगति-स्वाभिमान और सफलता की ओर-2.0" नामक बाल उत्सव आयोजित करने का निर्देश जारी किया गया है।
यह उत्सव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की अनुशंसाओं के अनुरूप बच्चों के सर्वांगीण विकास, जीवन कौशल और लैंगिक समानता जैसे विषयों को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
तीन स्तरों पर होगा आयोजन
इस बाल उत्सव का आयोजन मुख्य रूप से तीन स्तरों पर किया जाएगा, जिसका कार्यक्रम निम्नलिखित है:
- जनपद स्तर पर: इसका आयोजन 27 से 31 जनवरी, 2026 के बीच किया गया/जा रहा है। इसके लिए प्रति जनपद 1.60 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है。
- मण्डल स्तर पर: द्वितीय चरण का आयोजन 06 से 12 फरवरी, 2026 तक होगा, जिसमें प्रति मण्डल 3.70 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे。
- राज्य स्तर पर: उत्सव का भव्य समापन फरवरी के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है。
प्रतिभा खोज और चयन प्रक्रिया
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 'मीना मंच' और 'सेल्फ एस्टीम' कार्यक्रमों के अंतर्गत बच्चों के सपनों और उनकी आकांक्षाओं को प्रोत्साहित करना है।
- प्रत्येक जनपद और मण्डल से 10-10 विजेता बच्चों का चयन किया जाएगा।
- चयन प्रक्रिया में ब्लॉक नोडल, मास्टर ट्रेनर्स और सुगमकर्ताओं की मुख्य भूमिका होगी।
- उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, अभिभावकों और नोडल अधिकारियों को भी इस दौरान सम्मानित किया जाएगा।
सुदृढ़ अनुश्रवण और रिपोर्टिंग
राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने आदेश दिया है कि इस पूरे कार्यक्रम का गहन अनुश्रवण जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम की प्रगति आख्या और उपभोग प्रमाण पत्र 10 मार्च, 2026 तक अनिवार्य रूप से राज्य कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

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