हैदराबाद। तेलंगाना सरकार ने बुज़ुर्ग माता-पिता के हित में एक सख्त और अहम फैसला लिया है। अब यदि किसी कर्मचारी के माता-पिता यह शिकायत करते हैं कि उनका बेटा या बेटी उनकी देखभाल नहीं कर रहा है, तो संबंधित कर्मचारी की सैलरी से 10 प्रतिशत राशि काटकर सीधे माता-पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बुज़ुर्ग माता-पिता द्वारा अपने बच्चों के खिलाफ की जाने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
माता-पिता के बैंक खाते में जाएगा पैसा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी के अकाउंट से रुपये काटकर यह पैसा सीधे माता-पिता के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा। इससे बुज़ुर्ग माता-पिता को भरण-पोषण के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने या लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सामाजिक जिम्मेदारी तय करने की पहल
सरकार का मानना है कि यह फैसला केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे समाज में यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि
👉 माता-पिता की उपेक्षा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कदम को कर्मचारियों के लिए चेतावनी के तौर पर भी देखा जा रहा है कि वे अपने बुज़ुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी निभाएं।
कानून के तहत लागू करने की तैयारी
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस फैसले को कानूनी रूप देने की भी तैयारी की जा रही है ताकि शिकायत मिलने पर प्रशासन सीधे कार्रवाई कर सके और माता-पिता को समय पर सहायता मिल सके।

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