शिक्षक संघ ने प्रदेश में घोषित शीत अवकाश के अनुपालन को लेकर जिला स्तर पर जारी हुए विरोधाभासी आदेशों पर जताई गंभीर आपत्ति Prathmik shikshak sangh

शिक्षक संघ ने प्रदेश में घोषित शीत अवकाश के अनुपालन को लेकर जिला स्तर पर जारी हुए विरोधाभासी आदेशों पर जताई गंभीर आपत्ति

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश में घोषित शीत अवकाश के अनुपालन को लेकर जिला स्तर पर जारी हो रहे विरोधाभासी आदेशों पर गंभीर आपत्ति जताई है। संघ ने शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), उत्तर प्रदेश को भेजे ज्ञापन में कहा है कि शासन द्वारा 29 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए सभी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है, किंतु इसके बावजूद कुछ जनपदों में जिला विद्यालय निरीक्षकों द्वारा शिक्षकों को अवकाश अवधि में प्रतिदिन विद्यालय में उपस्थित रहने के आदेश दिए जा रहे हैं। 

संघ का कहना है कि जब विद्यार्थियों के लिए विद्यालय बंद हैं तो शिक्षकों की अनिवार्य उपस्थिति का कोई औचित्य नहीं है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसे आदेश यह दर्शाते हैं कि जनपदीय अधिकारी शासन के स्पष्ट निर्देशों का मनमाने ढंग से उल्लंघन कर रहे हैं और विभागीय नियंत्रण कमजोर हो चुका है। संघ ने इसे शिक्षक समाज के मानसिक उत्पीड़न की संज्ञा देते हुए कहा है कि बार-बार इस प्रकार के आदेश जारी होना शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों के विपरीत है। 

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने मांग की है कि सभी जनपदों में शीत अवकाश का समान रूप से पालन सुनिश्चित कराया जाए और शिक्षकों को अन्य विभागों की तरह 31 दिसंबर का अवकाश भी प्रदान किया जाए, ताकि कड़ाके की ठंड में उन्हें राहत मिल सके। संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आदेशों का वास्तविक अनुपालन सुनिश्चित नहीं कराया गया तो शिक्षक समाज में असंतोष और बढ़ेगा।






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