निपुण भारत मिशन को मिलेगी गति, जिलों में बनेगी DPMU, बीएसए की अध्यक्षता में काम करेगी यह प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट
मिशन की गतिविधियों के पर्यवेक्षण निरीक्षण व गति देने में करेगी सहयोग
लखनऊ। निपुण भारत मिशन को गति देने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) की तर्ज पर जिला स्तर पर जिला प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (डीपीएमयू) बनेगी। ये यूनिट मिशन में चल रही गतिविधियों के पर्यवेक्षण, अनुश्रवण, डाटा आधारित समीक्षा, उपलब्धि व गैप एनालिसिस का काम करेगी। इसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
प्रदेश में संशोधित लक्ष्य के तहत बालवाटिका से कक्षा दो तक के बच्चों को भाषा और गणित में दक्ष बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत 40 हजार से ज्यादा विद्यालयों को निपुण घोषित किया जा चुका है। शेष विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए कवायद चल रही है। इसी के तहत बेसिक शिक्षा अधिकारियों की अध्यक्षता में डीपीएमयू का गठन होगा। इसमें जिला समन्वयक व जिले के सभी एसआरजी सदस्य होंगे।
डीपीएमयू की हर महीने के पहले सप्ताह में बैठक होगी। फिर डाटा के आधार पर समीक्षा होगी। वहीं, हर सप्ताह एजेंडा के साथ बीएसए व बीईओ की बैठक करेंगे। बैठकों में निकली समस्याओं का समाधान कराने का काम भी यह यूनिट करेगी। विद्यालयों में प्रिंट सामग्री, किट, तालिक, टीएलएम, लाइब्रेरी किताबों आदि की उपलब्धता देखेगी। साथ ही कक्षा-शिक्षण में इसका प्रभावी प्रयोग सुनिश्चित करेगी।
साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम, मासिक शिक्षक संकुल बैठक, सहयोगात्मक पर्यवेक्षण, बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने, वित्तीय प्रबंधन, शोध-सर्वे व मूल्यांकन आदि का काम यह यूनिट करेगी। राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी बीएसए को निर्देश दिया है कि इसके लिए 5.5 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। 15 मार्च तक बजट का प्रयोग करते हुए इसका विवरण प्रबंध पोर्टल पर अपलोड करें।
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