कानपुर: सरकारी स्कूलों के शिक्षक होंगे डिजिटल साक्षर, आईआईटी कानपुर में शुरू हुआ प्रशिक्षण
कानपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में शहर के शिक्षकों को आईआईटी कानपुर डिजिटल साक्षरता का पाठ पढ़ाएगा।
इसकी शुरुआत साक्षरता दिवस के साथ हो गई। सोमवार को आईआईटी कानपुर में देश का पहला डिजिटल साक्षरता, कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, अपर प्राइमरी स्कूल और कंपोजिट स्कूल के विज्ञान विषय के शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
तकनीकी युग की ओर बढ़ रहे देश में सभी को डिजिटल साक्षरता की आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आईआईटी कानपुर ने डिजिटल साक्षरता की शुरुआत की है। प्रशिक्षण का शुभारंभ आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. जे रामकुमार, प्रो. सत्यकि रॉय, एससीईआरटी उप्र के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने किया। कार्यक्रम को कई बैच में बांटा गया है।
इसमें 75 जिलों के 750 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाना है। पांच दिन संस्थान में ऑफलाइन प्रशिक्षण होगा। शिक्षकों के प्रशिक्षण के बाद इसका लाभ कक्षा छह से आठ तक के करीब 75 लाख छात्र-छात्राओं को मिलेगी। ऑफलाइन प्रशिक्षण के बाद ऑनलाइन फॉलोअप सत्र होगी।
एससीईआरटी उप्र के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग ने आईआईटी के साथ मिलकर शिक्षकों को डिजिटल साक्षर बनाने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया है जिससे बच्चे भी एआई और डिजिटल तकनीक को समझ सकें। प्रो. सत्यकि रॉय ने शिक्षकों के लिए मूक (एमओओसी) कोर्स की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिना डिजिटल साक्षरता के भविष्य में कामयाबी मिलना मुश्किल है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ता है।
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