पिछले महीनों के इस रिकार्ड को देखते हुए इसमें सुधार के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अब शिक्षक अभिभावकों से संपर्क साधेंगे और उन्हें विद्यार्थियों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे। यही नहीं चार दिन से अधिक अनुपस्थित होने पर छात्र के घर शिक्षक जाएंगे।
अधिकारियों को दिया गया निर्देश
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि एक फरवरी से लेकर 29 फरवरी तक विद्यालयों का विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। विद्यालयों में शिक्षक समय पर पहुंच रहे हैं या नहीं, विद्यार्थियों की उपस्थिति कितनी है और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की क्या स्थिति है।
सिर्फ बागपत, बस्ती, बुलंदशहर, शामली, सोनभद्र, अंबेडकर नगर और महोबा ही ऐसे जिले हैं जहां पर 70 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी स्कूल आ रहे हैं। बाकी 68 जिलों में इससे कम उपस्थिति बीते महीनों में रही है। अगर विद्यार्थी चार से अधिक अनुपस्थित छात्रों के घर शिक्षक जाएंगे और अभिभावक को कारण बताना होगा कि आखिर क्यों बच्चा स्कूल नहीं आ रहा था। परिषदीय स्कूलों में 1.91 करोड़ विद्यार्थी हैं। पिछले छह वर्षों में सुविधाएं बढ़ने के कारण करीब 40 लाख विद्यार्थी बढ़े हैं।