सोमवार को भी मौसम विभाग ने 48 घंटों के लिए प्रदेश के 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ ऐसे जिले भी हैं, जहां गरज और चमक के साथ व्रजपात की चेतावनी (Thunderstorm warning) भी दी गई है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि 20 जुलाई के बाद ही बारिश में कुछ कमी आ सकती है।
भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) के मुताबिक, यूपी के पूर्वांचल (Purvanchal), अवध (Awadh) और बुंदेलखंड (Bundelkhand) के ज्यादातर जिलों में बिजली गिरने की संभावना बताई जा रही है। लगातार हो रही बारिश के चलते बदायूं (Badaun) में गंगा के जल स्तर ने 12 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछले दिनों यहां जल स्तर 162.80 मीटर तक पहुंच गया। इसके अनावा बुलंदशहर (Bulandshahar) के नरौरा में भी गंगा इस समय उफान पर चल रही है। इसके अलावा यमुना, सरयू और रामगंगा नदी भी इस समय उफान पर हैं। हालांकि बाकी जिलों को लेकर गंगा क्षेत्र को येलो जोन में ही रखा गया है।
गंगा, गोमती, सरयू, रामगंगा और राप्ती क्षेत्र में हो सकती है मध्यम स्तरीय बारिश
मथुरा (Mathura) में इस समय यमुना खतरे के निशान पर है। यही हाल बाराबंकी (Barabanki) जिले में सरयू नदी का भी चल रहा है। अनुमान है कि गंगा, गोमती, सरयू, रामगंगा और राप्ती के क्षेत्र में मध्यम स्तरीय बारिश होगी। इसके अलावा गंगा बेसिन के मिर्जापुर क्षेत्र में भारी बारिश की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, बाढ़ को लेकर इस समय प्रदेश के सभी जिलों को रेड जोन से बाहर किया गया है। बदायूं और मथुरा को ऑरेंज जोन में शामिल किया गया है। इसके अलावा कानपुर, फर्रुखाबाद, अयोध्या, शाहजहापुर, बाराबंकी और हापुड़ को येलो जोन में रखा गया है।
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