सरकारी स्कूलों में तैयार होंगे वैज्ञानिक! बच्चों को रोबोटिक्स, ड्रोन और 3D प्रिंटिंग की मुफ्त ट्रेनिंग

सरकारी स्कूलों में तैयार होंगे वैज्ञानिक! बच्चों को रोबोटिक्स, ड्रोन और 3D प्रिंटिंग की मुफ्त ट्रेनिंग

सरकारी स्कूलों में तैयार हो रहे वैज्ञानिक! विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, ड्रोन और 3D प्रिंटिंग का मिलेगा मुफ्त प्रशिक्षण

लखनऊ। अब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना भी सीखेंगे। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सरकारी विद्यालयों के बच्चों को रोबोटिक्स, ड्रोन, 3D प्रिंटिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीकों का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग और आईआईटी संस्थानों के सहयोग से विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की पहल की गई है। इसके लिए एचसीएल फाउंडेशन और प्रेम लर्निंग फाउंडेशन की ओर से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।


रोबोट और ड्रोन बनाना सीख रहे विद्यार्थी

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को केवल तकनीक की जानकारी ही नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें खुद मशीनें तैयार करने और आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल का व्यावहारिक अनुभव भी मिल रहा है।

विद्यार्थी सेंसर और मोटर जोड़कर मशीन तैयार करने से लेकर डिजिटल डिजाइन को वास्तविक मॉडल में बदलने तक की तकनीक सीख रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें 3D प्रिंटिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) से भी परिचित कराया जा रहा है।

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की पहल

प्रशिक्षण विशेषज्ञ चांदनी जायसवाल के अनुसार, इस पहल के माध्यम से शहर के सरकारी विद्यालयों और आईटीआई संस्थानों को जोड़ा गया है। निर्धारित रोस्टर के अनुसार विशेषज्ञ विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।

इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नई तकनीक से जोड़कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

ड्रोन और रोबोटिक्स के साथ 3D प्रिंटिंग का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के प्रमुख विषयों में शामिल हैं:

  • रोबोटिक्स: रोबोट बनाना, मोटर और सेंसर का इस्तेमाल।

  • ड्रोन टेक्नोलॉजी: ड्रोन की बनावट और संचालन की जानकारी।

  • 3D प्रिंटिंग: डिजिटल डिजाइन को वास्तविक मॉडल में बदलना।

  • इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT): स्मार्ट उपकरणों और इंटरनेट आधारित तकनीक की समझ।

विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने पर जोर

मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार के अनुसार, नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा छठी से ही विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। सरकारी विद्यालयों के बच्चों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस पहल से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने, प्रयोग करने और अपनी रचनात्मक क्षमता विकसित करने का अवसर मिल रहा है।

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