शिक्षकों की मनमानी खत्म! यूपी बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के लिए अनिवार्य हुआ क्यूआर पहचान पत्र, 15 तक अल्टीमेटम
यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 में ड्यूटी लगाने से पहले परिषद शिक्षकों और प्रधानाचार्यों ब्योरा पोर्टल पर दर्ज कराना अनिवार्य होगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सभी माध्यमिक विद्यालयों को 15 नवंबर तक शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का शत-प्रतिशत डाटा अपलोड और अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी गई है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव की ओर से 26 अक्टूबर को जारी निर्देश में कहा गया है कि वर्ष 2027 की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रयोगात्मक परीक्षा, मूल्यांकन, कक्ष निरीक्षण समेत अन्य जिम्मेदारियों के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों के कंप्यूटरीकृत पहचान पत्र तैयार किए जाएंगे।

इसके लिए परिषद के पोर्टल पर सभी का विवरण दुरुस्त करना जरूरी है। विद्यालयों को शिक्षकों का नाम, पदनाम, जन्मतिथि, नियुक्ति तिथि, अध्यापन विषय और मोबाइल नंबर सही दर्ज करना होगा।
साथ ही स्नातक और परास्नातक स्तर के विषयों का स्पष्ट विवरण और शैक्षिक प्रमाणपत्र भी अपलोड करने होंगे। शिक्षक की नियुक्ति जिस कक्षा के लिए हुई है, उसी के अनुरूप अध्यापन विषय का कोड दर्ज करना होगा।
परिषद ने विद्यालय छोड़ चुके और दिवंगत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के नाम पोर्टल से हटाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, नव नियुक्त शिक्षकों का विवरण अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा।

किसी शिक्षक का नाम दो विद्यालयों में दर्ज नहीं होना चाहिए। प्रधानाचार्यों को डाटा फाइनल करने से पहले उसका सत्यापन भी करना होगा। डिबार शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को अलग श्रेणी में दर्शाना होगा, ताकि परीक्षा संबंधी कार्यों में उनकी स्थिति स्पष्ट रहे।
शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का डाटा अपलोड और अपडेट करने के लिए परिषद की वेबसाइट 15 नवंबर 2026 तक क्रियाशील रहेगी।
इसके बाद निर्धारित समयसीमा में विवरण पूरा कराने की जिम्मेदारी विद्यालयों की होगी। जिला विद्यालय निरीक्षकों को सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशों का पालन कराने को कहा गया है।
परिषद के निर्देशों के अनुसार सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का विवरण निर्धारित समयसीमा में अपडेट कराने के लिए कहा जाएगा। डाटा अपलोड करते समय उसकी शुद्धता का विशेष ध्यान रखना होगा। डुप्लीकेट और अपूर्ण विवरण को दुरुस्त कराने के साथ डिबार शिक्षकों की जानकारी भी अलग श्रेणी में दर्ज करानी होगी, ताकि बोर्ड परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं में किसी तरह की परेशानी न हो।
- अंजलि अग्रवाल, डीआइओएस
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