CBSE Class 9 & 10 Rules: सत्र 2026-27 से बदलेगा 9वीं-10वीं का पैटर्न, सीबीएसई ने जारी किया सर्कुलर
CBSE Class 9th & 10th New Scheme: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए नई अध्ययन योजना जारी कर दी है। बोर्ड ने 29 अक्टूबर को सर्कुलर जारी कर नए नियमों की जानकारी दी।
नई व्यवस्था सत्र 2026-27 में 9वीं में दाखिला लेने वाले छात्रों पर लागू होगी। यही छात्र 2027-28 में 10वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे।
इस बदलाव के तहत छात्रों को अब कुल 9 अनिवार्य विषय पढ़ने होंगे और इनके अलावा 57 विकल्पों में से एक अतिरिक्त विषय चुनने का मौका मिलेगा। नई योजना में कुछ विषयों को हटाया भी गया है। साथ ही 10वीं में पास होने के लिए मुख्य विषयों में 33 फीसदी अंक का नियम स्पष्ट किया गया है। हालांकि, अभी 10वीं में पढ़ रहे छात्रों पर यह नई व्यवस्था लागू नहीं होगी।
9 विषय होंगे अनिवार्य
नई योजना में भाषा R1, भाषा R2, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, भाषा R3, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा एवं कल्याण और व्यावसायिक/कौशल शिक्षा अनिवार्य रखी गई है। इसके अलावा छात्र 57 विकल्पों में से एक विषय चुन सकेंगे।
इन विकल्पों में एडवांस्ड गणित, एडवांस्ड विज्ञान, कंप्यूटर एप्लीकेशन, गृह विज्ञान, एनसीसी, पेंटिंग, संगीत और कई भारतीय व विदेशी भाषाएं शामिल हैं। चुनी गई अतिरिक्त भाषा R1, R2 और R3 से अलग होनी चाहिए।
वोकेशनल एजुकेशन में 2 विकल्प
व्यावसायिक शिक्षा भी जरूरी होगी। छात्र या तो कौशल विकास चुन सकते हैं, जिसका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा और बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। दूसरा विकल्प 22 स्किल विषयों में से किसी एक को चुनना है। इनमें आईटी, रिटेल, सिक्योरिटी, ऑटोमोटिव, पर्यटन, कृषि, हेल्थकेयर, एआई, डेटा साइंस, बैंकिंग एंड इंश्योरेंस, मार्केटिंग एंड सेल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, डिजाइन थिंकिंग सहित अन्य विषय शामिल हैं। इस विकल्प में 10वीं में बोर्ड परीक्षा होगी और पास करने पर NSQF प्रमाणपत्र मिलेगा।
10वीं में 33 फीसदी अंक जरूरी
10वीं में भाषा R1, भाषा R2, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में बोर्ड परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन मिलाकर कम से कम 33 फीसदी अंक जरूरी होंगे। उदाहरण के लिए 80 में 24 और 20 में 9 अंक मिलने पर कुल 33 फीसदी अंक पूरे माने जाएंगे।
फेल होने पर विषय बदलने का मौका
अगर छात्र गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में से किसी एक में फेल होता है और स्किल विषय की बोर्ड परीक्षा पास है, तो उस विषय को स्किल विषय से बदला जा सकता है। केवल कौशल विकास चुनने वालों को यह सुविधा नहीं मिलेगी। मुख्य भाषा में फेल होने पर पास की गई अतिरिक्त भाषा से विषय बदलने का प्रावधान है।
इन विषयों को हटाया गया
2026-27 की 9वीं में इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी और सीटी एंड एआई मॉड्यूल्स, जबकि 2027-28 की 10वीं में एनवायरनमेंटल एजुकेशन योजना में नहीं होगा।
आंतरिक मूल्यांकन वाले विषयों में 91-100 अंक पर A1 से लेकर 33-40 अंक पर D ग्रेड तक दिया जाएगा। 33 से कम अंक पर E ग्रेड होगा। D या उससे ऊपर ग्रेड पाने वाले छात्रों को स्कूल प्रमाणपत्र जारी करेगा। विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को एक अनिवार्य भाषा के साथ चार अन्य विषय चुनने की छूट भी दी गई है।
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