विभाग इसके लिए सत्यापन करा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद डीबीटी के माध्यम से शासन द्वारा सीधे अभिभावकों के खातों में 12 सौ रुपये भेजा जाएगा। दोआबा में 2266 से अधिक परिषदीय स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें 13 विकास खंडों व नगर क्षेत्र में कुल दो लाख 96 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले इन बच्चों को ड्रेस, जूता, मोजा आदि के लिए सरकार द्वारा 12 सौ रुपये देने की व्यवस्था है। छात्र के अभिभावक के खाते में सीधे धनराशि भेजी जाती है। इसके लिए नगर क्षेत्र समेत सभी विकास खंडों के स्कूलों के बच्चों का बीईओ के माध्यम से आधार कार्ड व अन्य स्कूली अभिलेखों का सत्यापन कार्य तेजी से चल रहा है। इसके बाद डाटा शासन को भेजा जाएगा। जहां से अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेजी जाएगी。
मई माह के अंत तक पहुंचेंगी खाते में रकम
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार स्थानीय स्तर पर सत्यापन कराया जा रहा है। जिले का विवरण शासन स्तर पर भेजा जाएगा। बच्चों व उनके अभिभावकों के आधार के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सम्भावना है मई महीने में ही बच्चों के खाते में रुपया भेजा जा सकता है। लाभार्थी बच्चों के अभिभावकों के खाते में आनलाइन धनराशि डीबीटी प्रक्रिया के तहत स्थानंतरित की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत नामांकित बच्चे अब फटे पुराने जूते व पुराने मोजे आदि पहनकर आने के लिए मजबूर नहीं होंगे।
सत्यापन में लगाए गए सभी बीईओ
बीएसए ने सत्यापन के लिए सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निदेर्शित किया है कि सत्यापन कार्य जल्द से जल्द पूरा कराएं। इस काम में किसी तरह की देरी या लापरवाही न करें। जिससे शासन की ओर से भेजी जाने वाली धनराशि उक्त बच्चों के अभिभावकों के खाते में आ सके। डीसी चन्द्रेश यादव ने बताया कि सत्यापन कार्य तेजी से चल रहा है। जल्द ही डेटा शासन को भेजा जाएगा।
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