अब खुद बनें अपने घर के 'गणनकार': यूपी में शुरू हुई देश की पहली डिजिटल गणना, जानें क्या है 11 अंकों की 'SE-ID'
उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में ऐतिहासिक 'डिजिटल जनगणना-2027' की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है, क्योंकि इतिहास में पहली बार लोगों को 'स्वगणना' की सुविधा दी गई है।
अब आपको जनगणना कर्मी का इंतजार करने की जरूरत नहीं है, बल्कि आप खुद अपने मोबाइल या कंप्यूटर से अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं।
शासन ने इसके लिए 7 मई से 21 मई 2026 तक का समय निर्धारित किया है। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य डेटा संकलन में तेजी लाना और उसे अधिक सटीक बनाना है।
कैसे करें स्वगणना? स्टेप-बाय-स्टेप पूरी प्रक्रिया
डिजिटल जनगणना में शामिल होने के लिए सरकार ने एक बेहद आसान और सुरक्षित पोर्टल तैयार किया है:
- पंजीकरण: सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल (https://se.census.gov.in) पर जाएं और अपने मोबाइल नंबर व नाम के जरिए रजिस्ट्रेशन करें।
- सत्यापन: भाषा का चयन करने के बाद आपके नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिससे सत्यापन पूरा होगा।
- मानचित्र पर चिन्हित करना: आपको पोर्टल पर मानचित्र के जरिए अपने घर की सटीक लोकेशन चिन्हित करनी होगी।
- प्रश्नावली: अंत में आपको 33 महत्वपूर्ण सवालों वाली एक प्रश्नावली भरनी होगी, जिसमें परिवार के सदस्यों, संपत्ति और सुविधाओं की जानकारी मांगी जाएगी।
11 अंकों की 'SE-ID' का महत्व
एक बार जब आप अपना ऑनलाइन फॉर्म सबमिट कर देंगे, तो आपको 'एच' (H) अक्षर से शुरू होने वाली 11 अंकों की एक 'एसई-आईडी' (SE-ID) प्राप्त होगी।
यह कोई सामान्य नंबर नहीं है, बल्कि आपके द्वारा दी गई जानकारी के सत्यापन की मुख्य कुंजी है। इसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है। जब 22 मई के बाद गणनाकर्मी आपके घर पहुंचेंगे, तब आपको केवल यह नंबर उनके साथ साझा करना होगा। यदि आपका डेटा रिकॉर्ड से मेल खाता है, तो प्रक्रिया वहीं पूरी मान ली जाएगी।
जनगणना में एआई (AI) और डिजिटल मैप का उपयोग
इस बार की जनगणना को आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल मैप का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
पहला चरण (7 मई - 21 मई): इसमें हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना होगी, जिसमें घरों की स्थिति और संपत्तियों का ब्यौरा लिया जाएगा।
दूसरा चरण (फरवरी 2027): इस चरण में जनसंख्या, साक्षरता, रोजगार, जातिगत आंकड़े, प्रवासन और प्रजनन से जुड़े डेटा जुटाए जाएंगे। एआई के उपयोग से डेटा का विश्लेषण जल्दी होगा और रिपोर्ट कम समय में जारी की जा सकेगी।
सुरक्षा टिप्स: धोखाधड़ी से कैसे बचें?
डिजिटल प्रक्रिया होने के कारण सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है:
- गोपनीयता: जनगणना निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान आपसे कभी भी बैंक खाते की जानकारी, आधार संख्या या कोई अन्य संवेदनशील दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा।
- आईडी कार्ड की जांच: 22 मई से जब गणनाकर्मी घर आएं, तो उनका आधिकारिक पहचान पत्र जरूर जांचें।
- सिर्फ आधिकारिक पोर्टल: अपनी जानकारी केवल सरकार द्वारा बताए गए आधिकारिक पोर्टल पर ही दर्ज करें, किसी भी असत्यापित लिंक पर क्लिक न करें।
अधिकारियों ने अपील की है कि यह प्रक्रिया नागरिकता का प्रमाण नहीं है, बल्कि देश की भावी विकास योजनाओं की नींव तैयार करने का आधार है, इसलिए सभी इसमें सहभागी बनें।
अभिषेक यादव
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