बोर्ड परीक्षाओं से पहले सीएम योगी ने बच्चों को लिखा पत्र, मोबाइल से दूर रहकर अनुशासन व आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने का संदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बोर्ड परीक्षाओं से पूर्व प्रदेश के विद्यार्थियों के नाम एक प्रेरणादायी पत्र जारी कर उन्हें सफलता, अनुशासन और आत्मविश्वास का संदेश दिया है। ‘योगी की पाती’ के माध्यम से मुख्यमंत्री ने बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए परीक्षा को जीवन का एक चरण मात्र मानने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में छात्रों को चाइनीज मांझे जैसे खतरनाक पदार्थों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी और इसके उपयोग को कानूनन अपराध बताते हुए समाज और प्रशासन को सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे स्वयं भी इसका प्रयोग न करें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
पत्र में मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग पर भी चिंता जताई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोबाइल बच्चों का बहुमूल्य समय नष्ट करता है, आंखों पर बुरा प्रभाव डालता है और पढ़ाई में बाधा बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल से दूरी बनाकर खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और परिवार के साथ समय बिताने की सलाह दी।
परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों से घबराहट न करने, प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ने और बिना दबाव के उत्तर लिखने का आग्रह किया। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के कर्मयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि अधिकार केवल कर्म पर है, फल की चिंता किए बिना पूरे मनोयोग से प्रयास करना ही सफलता की कुंजी है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत, सीखने की ललक और अनुशासन ही सबसे बड़ी पूंजी है। अंत में उन्होंने प्रदेश के सभी छात्रों को आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
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