UP Teacher Bharti: यूपी में टीचर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं को झटका, प्रदेश में नहीं होगी नई शिक्षक भर्ती

UP Teacher Bharti: यूपी में टीचर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं को झटका, प्रदेश में नहीं होगी नई शिक्षक भर्ती

उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में टीचर बनने का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है. राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में नई शिक्षक भर्ती नहीं की जाएगी.

यह जानकारी विधानसभा में दिए गए जवाब के दौरान सामने आई. हैरानी की बात यह है कि हजारों पद खाली होने के बावजूद सरकार ने भर्ती से इनकार किया है. इससे TET, D.El.Ed., B.Ed. और BTC पास युवाओं में निराशा बढ़ गई है, जो लंबे समय से नई भर्ती का इंतजार कर रहे थे.


नई शिक्षक भर्ती पर सरकार का साफ इनकार

यूपी के बेसिक स्कूलों में नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे 20 से 25 लाख अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है. बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने विधानसभा में स्पष्ट कहा कि अभी नए शिक्षकों की भर्ती करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है, उन्होंने बताया कि परिषद स्कूलों में पहले से पर्याप्त शिक्षक और शिक्षा मित्र कार्यरत हैं, इसलिए नए पद सृजित करने पर विचार नहीं किया जा रहा.

खाली पद फिर भी भर्ती नहीं

सरकारी आंकड़ों के अनुसार सहायक अध्यापक के 46,944 पद खाली हैं. इसके बावजूद सरकार का कहना है कि छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित है. हर महीने करीब 200 शिक्षक रिटायर हो रहे हैं और हर साल लाखों नए प्रशिक्षित अभ्यर्थी तैयार हो रहे हैं, लेकिन नई वैकेंसी न आने से उनके सामने निजी स्कूल या दूसरे क्षेत्रों में काम तलाशने की मजबूरी बढ़ेगी.

विधानसभा में उठा सवाल

सपा विधायक अनिल प्रधान ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में यह मुद्दा उठाया, उन्होंने कहा कि लाखों D.El.Ed. पास युवा भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार हर बार शिक्षक-छात्र अनुपात का हवाला देकर भर्ती टाल देती है. कई अभ्यर्थी अब दूसरे राज्यों की भर्तियों में आवेदन कर रहे हैं.

शिक्षक-छात्र अनुपात का तर्क

सरकार के अनुसार प्राथमिक स्कूलों में औसतन 30 छात्रों पर एक शिक्षक और उच्च प्राथमिक में 35 छात्रों पर एक शिक्षक है. अगर शिक्षा मित्र और अनुदेशक भी जोड़ दिए जाएं तो अनुपात लगभग 22 छात्रों पर एक शिक्षक का हो जाता है. इसी आधार पर सरकार अतिरिक्त भर्ती की जरूरत नहीं मान रही.

TET अनिवार्यता और कोर्ट का फैसला

बिना TET पास शिक्षकों के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश पूरे देश में लागू है. कोर्ट ने कहा है कि जिन शिक्षकों की सेवा में पांच साल से अधिक समय बाकी है, उन्हें TET पास करना जरूरी होगा, वरना सेवा पर असर पड़ सकता है. इससे पुराने शिक्षकों और अभ्यर्थियों दोनों की चिंता बढ़ गई है.

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