उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 के बजट में बेसिक शिक्षा विभाग के लिए 77,622 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि प्रस्तावित की है। यह बजट परिषदीय विद्यालयों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के लिए कई नई योजनाओं और सुविधाओं को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता और आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाना है।
छात्र-छात्राओं के लिए विशेष प्रावधान
परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क सुविधाएं देने की योजना जारी रहेगी। इसके लिए 650 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूता-मोजा और स्टेशनरी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
हर जिले में मॉडल और अभ्युदय विद्यालय
प्रदेश के सभी 75 जनपदों में दो-दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही प्रत्येक जनपद में एक विद्यालय को मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इन विद्यालयों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों और डिजिटल सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।
बालिका शिक्षा को बढ़ावा
जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय स्थापित नहीं हैं, वहां आवासीय बालिका विद्यालय की नई योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए 580 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना और ड्रॉपआउट दर को कम करना है।
शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा संविदा या मानदेय आधारित कार्मिकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 358 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।
सभी प्राथमिक विद्यालय बनेंगे स्मार्ट स्कूल
समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत राज्य निधि से सभी प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने हेतु 300 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। इससे डिजिटल शिक्षा और आधुनिक शिक्षण पद्धति को बढ़ावा मिलेगा।
सहायता प्राप्त विद्यालयों के लिए सुरक्षा योजना
सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों की सुरक्षा ऑडिट में अधोमानक पाए गए विद्यालयों के अनुरक्षण के लिए 300 करोड़ रुपये की नई योजना प्रस्तावित है। इससे विद्यालयों की संरचना और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।
यह बजट शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब इसका वास्तविक प्रभाव क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

Post a Comment