CM योगी का बड़ा एलान, यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं समेत इन कर्मचारियों का बढ़ेगा मानदेय
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर बढ़त लेने के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए विधान परिषद में आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की।
पिछले दिनों विधान सभा में वृद्धावस्था, दिव्यांगजन और निराश्रित विधवा महिला पेंशन की राशि बढ़ाने की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की पहली शर्त 'रूल ऑफ ला' है और इसके लिए सरकार ने मजबूती से काम किया। प्रदेश अब 'फियर जोन' से 'फेथ जोन' में परिवर्तित हो गया है। दंगों की जगह अब फेस्टिव और टेंपल इकोनामी तेजी से विकसित हो रही है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सपा के सदस्यों से कहा कि कांग्रेस से सबक ले लीजिए। कांग्रेस, विधान परिषद विहीन हो गई है। यदि सपा को भी विधानसभा व परिषद विहीन होना है तो अनर्गल प्रलाप और महापुरुषों का अपमान करे। अन्यथा ऐसा आचरण न करें, जो समाज में विद्वेष की स्थिति पैदा करता है।

योगी ने विधानसभा की तरह विधान परिषद में भी वंदे मातरम के विरोध को लेकर कांग्रेस व सपा पर निशाना साधा और दोहराया कि हिंदुस्तान में रहकर राष्ट्रगीत न गाना नहीं चलेगा।
राज्यपाल से प्रतिपक्ष करता है अभद्र व्यवहार- CM योगी
योगी ने कहा कि राज्यपाल प्रदेश का संवैधानिक प्रमुख होता है। इसके बावजूद प्रतिपक्ष द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। यह संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े सभी प्रमुख हस्तियों की अवमानना के भी दायरे में आता है। हमारा दायित्व है कि कोई ऐसा आचरण न करें, जो भावी पीढ़ी को गलत दिशा में अग्रसर करें, लेकिन प्रतिपक्ष से इसकी अपेक्षा व्यर्थ है। यह सपा की सोच और प्रतिपक्ष के नकारात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।
उन्हाेंने कहा कि नौ वर्ष में प्रदेश ने अपराध से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव, समस्या से समाधान और अविश्वास से आत्मविश्वास तक की यात्रा की है।
पुलिस सुधाराें का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 के बाद कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। अब यूपी रेवन्यू सरप्लस और उत्सव प्रदेश के रूप में अपनी यात्रा पर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में दुनिया के सबसे बड़े एआई इंपेक्ट समिट का उद्घाटन किया है। जब दुनिया तेजी से इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रही है, तब भारत भी इस दिशा में दूरदर्शी रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी राष्ट्रीय सोच के अनुरूप उप्र ने भी नौ वर्षों में खुद को परिवर्तन की आधारभूमि के रूप में स्थापित किया है।
प्रदेश में 3 करोड़ युवाओं को मिला रोजगार
वर्ष 2017 के पहले खेती-किसानी, उद्योग के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं थीं। अब डबल इंजन की डबल स्पीड से अन्नदाता से उद्यमी बनने की कहानी देखी जा सकती है। हमारी सरकार ने ओडीओपी-ओडीओसी योजनाओं के माध्यम से परंपरागत उत्पादों को नई पहचान दी है, जिससे तीन करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने माफिया के साथ बीमारियों और उनके कारकों को भी नियंत्रित किया। आज हर तबके के मन में विश्वास है और यह विश्वास हर सेक्टर में दिख रहा है। यूपी फिर से रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है।
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