जौनपुर। जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के चयन वेतनमान (Selection Grade) को लागू करने में बरती जा रही शिथिलता को लेकर विभाग गंभीर हो गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा आदेश निर्गत किए जाने के बावजूद सभी पात्र शिक्षकों को इसका लाभ न मिलने पर वित्त एवं लेखाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली से विभाग की छवि धूमिल
हाल ही में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जौनपुर द्वारा शिक्षकों के चयन वेतनमान स्वीकृत करने के स्पष्ट आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद, लेखा विभाग स्तर पर भारी विसंगति देखने को मिली है। ज्ञात हुआ है कि माह जनवरी 2026 के वेतन में केवल कुछ चुनिंदा शिक्षकों का ही चयन वेतनमान लगाया गया, जबकि बड़ी संख्या में पात्र शिक्षक इस लाभ से वंचित रह गए।
अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की 'पिक एंड चूज' (चयनित आधार पर लाभ देना) की नीति से न केवल शिक्षकों में रोष व्याप्त है, बल्कि विभाग की साख पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पटल को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- समान कार्यान्वयन: जिन भी शिक्षकों का चयन वेतनमान BSA जौनपुर द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है, उन सभी का विवरण अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाए।
- समय सीमा: वर्तमान माह का वेतन लॉक करने से पहले सभी पात्र शिक्षकों का चयन वेतनमान नियमानुसार लागू किया जाना अनिवार्य है।
- वैरिएशन रिपोर्ट: ऑनलाइन सेवापुस्तिका के परीक्षण के साथ-साथ निर्धारित प्रारूप पर वैरिएशन (Variation) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के वित्तीय लाभों में देरी या विसंगति किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं होगी। यदि इस बार भी सभी पात्र शिक्षकों का चयन वेतनमान लॉक नहीं किया गया, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और संबंधित उत्तरदायी कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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