​यूपी के हर मंडल में बनेंगे स्पोर्ट्स कॉलेज: 2036 ओलंपिक के लिए UP सरकार का मास्टर प्लान Sports college in UP

​यूपी के हर मंडल में बनेंगे स्पोर्ट्स कॉलेज: 2036 ओलंपिक के लिए UP सरकार का मास्टर प्लान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के युवाओं को खेल की दुनिया में वैश्विक मंच दिलाने के लिए एक महत्वाकांक्षी खाका तैयार किया है। सरकार अब 'वन मंडल, वन स्पोर्ट्स कॉलेज' की संकल्पना पर काम कर रही है, जिसके तहत प्रदेश के प्रत्येक मंडल मुख्यालय वाले जिले में एक अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाएगी।


मिशन 2036: सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे ये कॉलेज

इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचा तैयार करना नहीं, बल्कि भविष्य के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता तैयार करना है।

  • लक्ष्य: 2030 के अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक खेलों में भारत की मजबूत दावेदारी।
  • विशेषता: इन कॉलेजों को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ एथलीटों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, डाइट और तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी।

पंचायत स्तर पर खेलों का जाल

सिर्फ बड़े शहरों ही नहीं, बल्कि गांवों की प्रतिभा को निखारने के लिए 'खेलो इंडिया' अभियान के साथ मिलकर त्रिस्तरीय रणनीति बनाई गई है:

  • ग्राम पंचायत स्तर: ओपन जिम का निर्माण।
  • ब्लॉक स्तर: मिनी स्टेडियम।
  • जिला/मंडल स्तर: बड़े स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉलेज।

युवाओं के कौशल और रोजगार के लिए 'बजट का पिटारा'

खेलों के साथ-साथ सरकार ने युवाओं के आर्थिक स्वावलंबन और कौशल विकास के लिए भारी निवेश का ऐलान किया है। बजट में प्रमुख आवंटन इस प्रकार हैं:

योजना का नामबजट आवंटन (करोड़ में)उद्देश्य
कौशल विकास मिशन₹1000 करोड़युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण और स्किलिंग के लिए।
दस्तकार प्रशिक्षण योजना₹836 करोड़पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पियों के उत्थान हेतु।
प्रोजेक्ट प्रवीण₹500 करोड़माध्यमिक स्कूल के छात्रों को स्कूल में ही स्किल ट्रेनिंग देना।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना₹225 करोड़अपना व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं को वित्तीय सहायता।
नया नजरिया: उत्तर प्रदेश अब केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि कौशल और खेल की एक ऐसी नर्सरी बनने की ओर अग्रसर है, जहाँ से निकले युवा देश की अर्थव्यवस्था और मेडल तालिका, दोनों में योगदान देंगे।


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