सेक्टर मजिस्ट्रेट की निगरानी में होंगी यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं
अम्बेडकरनगर, संवाददाता। यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं सेक्टर मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगी। इसके लिए जिलाधिकारी के माध्यम से मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाएंगे। यदि किसी विद्यालय पर प्रयोगशाला संबंधी संसाधन नहीं उपलब्ध होंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
ऐसे विद्यालय जो परिषद द्वारा डिबार अथवा उनकी मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही गतिमान हो, उन्हें प्रयोगात्मक परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया जाएगा। उनके विद्यार्थियों को निकटतम विद्यालय में स्थानान्तरित कर प्रयोगात्मक परीक्षा सम्पादित करायी जाएगी। प्रयोगात्मक परीक्षा को लेकर लगातार तैयारी चल रही है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कहा है कि प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए यदि नियुक्त परीक्षकों के मोबाइल नम्बर अथवा अन्य विवरण त्रुटिपूर्ण हों, तो इस संबंध में भी तत्काल संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को सूचित करना सुनिश्चित कर दिया जाए।
त्रुटिपूर्ण मोबाइल नम्बर की स्थिति में बाह्य परीक्षकों द्वारा पोर्टल एप पर लॉगिन करना सम्भव नहीं हो सकेगा। प्रयोगात्मक परीक्षा उन्हीं विद्यालयों में सम्पन्न होंगी, जिन्हें बोर्ड द्वारा प्रयोगात्मक परीक्षा केन्द्र निर्धारित किया गया है। तथा वहाँ सीसीटीवी कैमरे स्थापित व क्रियाशील हैं। प्रयोगात्मक परीक्षाएँ अनिवार्य रूप से वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में ही सम्पन्न करायी जायेंगी। इसकी रिकार्डिंग सम्बन्धित विद्यालयों के प्रधानाचार्य द्वारा अपने पास सुरक्षित रखी जायेगी। प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए विद्यालय में प्रयोगशाला, आवश्यक उपकरण अथवा सामग्री का अभाव होने पर अन्यत्र निकटतम संसाधनयुक्त विद्यालय में प्रयोगात्मक परीक्षाएं सम्पादित करायी जाएं एवं इसकी सूचना तत्समय सम्बंधित क्षेत्रीय कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायी जाएगी। राजकीय विद्यालय में संसाधनों के अभाव के लिए डीआईओएस स्वयं उत्तरदायी होंगे। अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के सम्बंध में सम्बंधित प्रबन्धक व प्रधानाचार्य के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। वित्तविहीन विद्यालयों में यह स्थिति परिलक्षित होने पर विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति करते हुए कार्यवाही होगी। बोर्ड ने भेजे गए निर्देश में कहा है विद्यालय में किस विषय की परीक्षा कब आयोजित होगी, इस सम्बन्ध में सम्बन्धित प्रधानाचार्य से सूचना प्राप्त कर प्रयोगात्मक परीक्षा के पर्यवेक्षण के लिए डीएम से नियुक्त सेक्टर मजिस्ट्रेटों को उपलब्ध करा दिया जाय, जिससे वे उन तिथियों में सम्बन्धित विद्यालयों में पहुँच कर प्रयोगात्मक परीक्षाओं के सम्पादन का पर्यवेक्षण कर सकें। परीक्षकN अपने नियुक्ति पत्र के साथ आधार कार्ड आवंटित विद्यालय में अवश्य ले जायेंगे। साथ ही परीक्षक के आधार कार्ड की छायाप्रति विद्यालय के प्रधानाचार्य अभिलेख के रूप में अपने पास सुरक्षित रखेंगे।
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