NPS बनाम Non-NPS: अफवाह, हकीकत और वेतन अंतर की सच्चाई

NPS बनाम Non-NPS: अफवाह, हकीकत और वेतन अंतर की सच्चाई

NPS बनाम Non-NPS/OPS: अफवाहों से बाहर निकलकर हकीकत को समझने का समय

सरकारी कर्मचारियों के बीच नई पेंशन योजना (NPS) और Non-NPS/OPS को लेकर वर्षों से बहस जारी है। बीते लगभग 20 वर्षों में NPS से जुड़ी कई तरह की अफवाहें फैलीं, जिनका सीधा असर कर्मचारियों की सोच, निर्णय और भविष्य की योजना पर पड़ा। अब समय आ गया है कि भावनाओं और डर से हटकर, हकीकत और आंकड़ों के आधार पर सच्चाई को समझा जाए।



NPS को लेकर फैली प्रमुख अफवाहें

NPS लागू होने के शुरुआती दौर में यह बातें जोर-शोर से फैलाई गईं—

  • सरकार कर्मचारियों का पैसा शेयर मार्केट में लगा देती है
  • किसी आपातकाल या संकट में पूरा पैसा डूब सकता है
  • भविष्य में NPS से कोई ठोस लाभ नहीं मिलेगा

इन आशंकाओं के चलते कई कर्मचारियों ने लंबे समय तक NPS खाता तक नहीं खुलवाया। जिनके खाते खुले भी, वे शिफ्टिंग, कटौती और तकनीकी उलझनों में फंसे रहे।


कोरोना काल और भ्रम की राजनीति

साल 2019–20 में कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) फ्रीज किया। इस निर्णय को भी NPS से जोड़कर डर फैलाया गया।
जबकि सच्चाई यह है कि DA फ्रीज होना आर्थिक आपात स्थिति में लिया गया एक अस्थायी निर्णय था, न कि NPS या OPS की कमजोरी।

विशेषज्ञों का साफ मत है—

जब देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, तो पेंशन व्यवस्था भी मजबूत होती है — चाहे वह OPS हो या NPS।


NPS बनाम Non-NPS: अफवाह बनाम हकीकत

❌ अफवाहें

  • NPS में पैसा पूरी तरह डूब सकता है
  • सरकार मनमाने ढंग से पैसा शेयर मार्केट में लगाती है
  • संकट के समय NPS/OPS से कुछ नहीं मिलेगा
  • NPS से सैलरी कम हो जाती है

✅ हकीकत

  • NPS पूरी तरह नियंत्रित और नियामित योजना है
  • निवेश PFRDA के नियमों के तहत होता है
  • पैसा SBI, UTI, LIC, HDFC जैसी अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से लगाया जाता है
  • यह खुला या अनियंत्रित निवेश नहीं है

पूरा पैसा शेयर मार्केट में नहीं लगता

NPS का निवेश तीन हिस्सों में होता है—

  • इक्विटी (शेयर)
  • सरकारी बॉन्ड
  • कॉरपोरेट बॉन्ड

कर्मचारी अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार निवेश विकल्प चुन सकता है।


14% वाला भ्रम: सबसे ज़रूरी सच

कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि NPS होल्डर को नॉन NPS होल्डर से 14% हर माह अधिक सैलेरी मिलती है। यदि NON NPS कर्मचारी को 70000 रुपये सैलेरी मिलती है तो NPS होल्डर कर्मचारी को 79800 रुपये प्रतिमाह मिलते है। तो आप जान लें

👉 NPS होल्डर की “टेक-होम सैलरी” ज्यादा नहीं होती।

  • 14% अतिरिक्त पैसा सैलरी नहीं है
  • यह सरकार का नियोक्ता अंशदान (Employer Contribution) है
  • यह राशि सीधे NPS खाते में जाती है, जेब में नहीं

उदाहरण:

  • Non-NPS कर्मचारी: ₹70,000 (टेक-होम के आसपास)
  • NPS कर्मचारी: ₹70,000 (टेक-होम के आसपास)
  • अलग से ₹9,800 (14%) NPS खाते में जमा — खर्च के लिए नहीं

👉 यही सबसे बड़ा और जरूरी सुधार है।


सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले लाभ

  • 60% राशि एकमुश्त (पूरी तरह टैक्स-फ्री)
  • 40% से नियमित पेंशन (एन्यूटी)
  • मृत्यु की स्थिति में आश्रितों को निर्धारित लाभ

निष्कर्ष

  • NPS कोई “डूबने वाली” योजना नहीं है
  • लेकिन यह भी सच है कि इसमें 14% ज्यादा सैलरी नहीं, बल्कि भविष्य के लिए सुरक्षित बचत मिलती है
  • OPS बनाम NPS की बहस भावना से नहीं, गणना और तथ्यों से होनी चाहिए

- स्वतंत आंकलन

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