एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले फॉर्म भर रहे हैं। यानी जनवरी 2008 तक या उससे पूर्व जिनका जन्म हुआ है और उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है तो वह फॉर्म भर सकते हैं। इनका नाम छह मार्च को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। वहीं एक अक्तूबर 2026 को 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले भी फॉर्म-6 भर सकते हैं। उनका नाम 6 मार्च वाली सूची में नहीं होगा लेकिन आगे जो सूची अपडेट होगी उसमें उनका नाम शामिल कर लिया जाएगा। अगर अपना नाम या कोई अन्य जानकारी अपडेट करानी है या फिर किसी स्थान से कोई मतदाता शिफ्ट हो गया है तो वह फॉर्म-8 भरे, अगर किसी का नाम त्रुटिवश किसी अन्य जगह पर है या कोई मृत है तो उसका नाम डिलीट कराने के लिए फॉर्म-7 भरें।
लोग दावे और आपत्तियां ऐसे दर्ज कर सकेंगे
इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है।
1. ऑनलाइन प्रक्रिया वेबसाइट/ऐप: ईसीआई (ECI) की आधिकारिक वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/ पर जाएं या ईसीआई नेट ऐप डाउनलोड करें।
● रजिस्ट्रेशन: मोबाइल नंबर या ईमेल से 'नए उपयोगकर्ता' के रूप में रजिस्टर करें या लॉगिन करें।
● फॉर्म जमा करना: संबंधित फॉर्म भरें, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें (जैसे आधार, पासपोर्ट साइज फोटो, पता प्रमाण) और सबमिट करें।
● ट्रैकिंग: अंत में एक रेफरेंस नंबर मिलेगा, जिससे स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
2. कौन सा फॉर्म किसलिए?
● फॉर्म 6 नाम जोड़ने या नए पंजीकरण के लिए (18 वर्ष पूरे होने वाले)।
● फॉर्म 7 नाम हटाने या आपत्ति दर्ज करने के लिए (मृतक या स्थानांतरित के लिए)।
● फॉर्म 8नाम, पता, फोटो या अन्य सुधार के लिए।
इन 10 जिलों में कटे सबसे कम नाम
जिला मतदाताओं के नाम कटेंगे
महोबा 85354
हमीरपुर 90561
ललितपुर 95450
चित्रकूट 01 लाख
श्रावस्ती 1.34 लाख
शामली 1.63 लाख
कासगंज 1.72 लाख
बांदा 1.75 लाख
बागपत 1.77 लाख
अमरोहा 1.81 लाख
27 अक्तूबर की सूची में जो फोटो वही रहेगी
सीईओ ने बताया कि 27 अक्तूबर को फ्रीज की गई मतदाता सूची में जो फोटो मतदाता की थी वही रहेगी। ऐसे तमाम मतदाता हैं जिन्होंने गणना प्रपत्र पर नवीनतम फोटो नहीं लगाई है, मगर उनकी मैपिंग हो गई है तो पहले की सूची में जो फोटो थी वही रहेगी। जिन्होंने फोटो दी है उनकी मतदाता सूची में फोटो अपडेट हो जाएगी।
15 दिन तारीख बढ़ी तो 8 लाख के नाम बचे
सीईओ ने बताया कि 4 नवरंबर 2025 को एसआईआर शुरू हुआ तो और गणना चरण 4 दिसंबर तक चला। मगर फिर इसे 11 दिसंबर तक बढ़ाया गया। बीएलओ को बूथवार सूची दी गई और फिर स्थानांतरित व अनुपस्थित मतदाताओं को ढूंढ़ने का काम इन 15 दिनों में किया गया। आखिरकार 8 लाख मतदाता मिल गए।
नोटिस वाले एक करोड़ को देने होंगे दस्तावेज
जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, नागरिक रजिस्टर, परिवार रजिस्टर में नाम, भूमि व मकान आवंटन प्रमाण पत्र, कर्मचारी व पेंशनभोगी का पहचान पत्र, पीपीओ, वन अधिकार प्रमाण पत्र और एक जुलाई 1987 से पहले सरकार, स्थानीय प्राधिकरणों, बैंकों, डाकघरों इत्यादि की ओर से जारी पहचान पत्र।
1200 पर एक बूथ, 15030 नए बढ़े
यूपी में अब 1200 मतदताओं पर एक बूथ बनाया गया है। पहले 1500 मतदाताओं पर एक बूथ बनता था। ऐसे में 15030 नए बूथ बढ़े हैं। अब यूपी में कुल बूथों की संख्या बढ़कर 177516 हो गई है। अब ग्रामीण क्षेत्र में 133667 बूथ व शहरी क्षेत्र में 43849 बूथ होंगे। यही कारण है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची को 31 दिसंबर की बजाए 6 जनवरी को जारी किया गया। क्योंकि मानक के अनुसार नए बूथ पर मतदाता शिफ्ट किए गए।

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