अमेठी। जनपद अमेठी के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जहां छात्र नामांकन निर्धारित मानक से कम है और प्रधानाध्यापक का पद रिक्त है, वहां अब वरिष्ठतम अध्यापक को प्रभारी प्रधानाध्यापक (इं०प्र०अ०) के रूप में विद्यालय के पर्यवेक्षणीय दायित्व सौंपे जाएंगे। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जारी हुआ निर्देश
यह आदेश अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के परिपत्र संख्या 68.5005 (002)/93/2025, अनुभाग-5 (बेसिक शिक्षा) दिनांक 14 अक्टूबर 2025 के क्रम में जारी किया गया है। यह निर्देश माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा विशेष अपील संख्या 652/2024 (सचिव बेसिक शिक्षा परिषद बनाम त्रिपुरारी दुबे एवं अन्य) में पारित आदेश दिनांक 30 अप्रैल 2025 के अनुपालन में दिए गए हैं।
RTE-2009 के मानक के अनुसार व्यवस्था
निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत—
- कक्षा 1 से 5 तक जिन विद्यालयों में 150 से कम छात्र नामांकित हैं
- तथा कक्षा 6 से 8 तक जिन विद्यालयों में 100 से कम छात्र हैं
और जहां नियमानुसार प्रधानाध्यापक की पदोन्नति की कार्यवाही पूरी नहीं हुई है, वहां उसी विद्यालय के वरिष्ठतम शिक्षक को विद्यालय के पर्यवेक्षणीय दायित्वों के लिए अधिकृत किया जाएगा।
वरिष्ठ शिक्षक अक्षम होने पर कनिष्ठ को मिलेगा दायित्व
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि—
- यदि किसी अपरिहार्य कारण से वरिष्ठतम अध्यापक यह दायित्व निभाने में अक्षम हो
- तो उससे ठीक कनिष्ठ अध्यापक को प्रभारी दायित्व सौंपा जाएगा
- हालांकि, इसके लिए कोई अतिरिक्त मानदेय या परिश्रमिक देय नहीं होगा
749 विद्यालय होंगे इस व्यवस्था के दायरे में
जारी सूचना के अनुसार—
- 595 प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1–5)
- 154 उच्च प्राथमिक/कम्पोजिट विद्यालय (कक्षा 6–8)
जहां छात्र संख्या निर्धारित सीमा से कम है, वहां यह व्यवस्था लागू होगी। प्रभारी नियुक्ति खंड शिक्षा अधिकारी से प्राप्त सूचना के आधार पर की जाएगी।

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