विधान परिषद- शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि के मामले में निर्णय जल्द Shikshamitra Anudeshak Mandey

विधान परिषद- शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि के मामले में निर्णय जल्द

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। विधान परिषद में शुक्रवार को सरकार ने आश्वासन दिया कि शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि के मामले में बहुत जल्द निर्णय किया जाएगा। इस बारे फैसला लेकर सरकार सदन को भी अवगत कराएगा।

प्रश्नकाल के दौरान समाजवादी पार्टी के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को शिक्षकों के बराबर या उनसे अधिक कार्य करने के बावजूद मात्र 10 हजार और 9 हजार मानदेय दिया जाता है। बेहद कम मानदेय होने के कारण उनके सामने तमाम प्रकार की समस्याएं हैं। हालत यह है कि आर्थिक तंगी के कारण अब तक 8 हजार से अधिक शिक्षामित्र मर चुके हैं।


नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि वर्ष 2017 में दोनों संवर्ग का मानदेय 10 हजार एवं 9 हजार था जो अब तक वहीं अटका है। महंगाई चरम पर है और उनके ऊपर अतिरिक्त सरकारी कार्यों का भार भी कहीं अधिक हो चुका है। जवाब में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि दोनों संवर्ग को बीते पांच सितम्बर को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप कैशलेस इलाज की सुविधा जल्द ही मिलने लगेगी। साथ ही इनके मानदेय के मामले में भी सरकार बहुत जल्द निर्णय लेने जा रही है। इस बारे में निर्णय होते ही सरकार सदन को भी अवगत कराएगी।

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