यूपी के 73% स्कूलों में नहीं बने न्यूट्रिशन किचेन गार्डन, 02 हजार रुपये प्रति स्कूल पहली किस्त के रूप में दिया गया nutrition kitchen garden

यूपी के 73% स्कूलों में नहीं बने न्यूट्रिशन किचेन गार्डन, 02 हजार रुपये प्रति स्कूल पहली किस्त के रूप में दिया गया


लखनऊ । पीएम पोषण योजना में प्रदेश के करीब 73 फीसदी परिषदीय स्कूलों में कोई काम नहीं हुआ। स्कूलों में दिसंबर 2025 तक न्यूट्रिशन गार्डन बनाने का लक्ष्य दिया गया था। इसका मकसद इसमें उगाई गई मौसमी व हरी पत्तेदार पौष्टिक सब्जियों का उपयोग मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) में किया जाना है, ताकि बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन मिल सके।

इस योजना में प्रति स्कूल 2000 रुपये के हिसाब से पहले में करीब 21 करोड़ दिया गया। इसमें कोई तकनीकी दिक्कत न आए इसके लिए नियमों को लचीला बनाते हुए कहा गया कि जिन स्कूलों में थोड़ा बहुत खुला स्थान है, छोटी-मोटी खेती की गुंजाइश हैं, वहां स्थानीय कृषि जलवायु क्षेत्र के अनुसार सभी प्रकार की सब्जियां उगाई जाएं। 

जहां भूमि कम है वहां स्कूल की दीवार के सहारे लौकी, तोरई जैसी बेल वाली सब्जियां और छत या बरामदे में टमाटर, मिर्च, धनिया, भिंडी, बैंगन आदि के पौधे लगाए जा सकते हैं। जहां इतनी भी जगह नहीं है कि वह सीधे भूमि पर इस योजना में कुछ कर सकें, वहां गमले, मटके, पॉली, ग्रो बैग, जूट के थैले आदि में सब्जियां उगाने की अनुमति दी गई। पैसे मिलने के बाद भी करीब 24 प्रतिशत स्कूलों में ही न्यूट्रिशन गार्डन विकसित हुए हैं।


न्यूट्रिशन गार्डन निर्माण में सबसे फिसड्डी जिले


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