शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
उत्तर प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समस्त अधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। इस निर्देश के अंतर्गत सभी संबंधित कार्मिकों को अपनी चल एवं अचल संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।
आदेश का उद्देश्य
इस आदेश का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति संबंधी जानकारी को पारदर्शी बनाना तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम-24 के अंतर्गत लागू की गई है।
अंतिम तिथि और समय-सीमा
- 31 दिसंबर 2025 तक अर्जित चल एवं अचल संपत्ति का विवरण
- 31 जनवरी 2026 से पहले मानव संपदा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा
- पोर्टल पर विवरण भरने की सुविधा 01 जनवरी 2026 से सक्रिय हो जाएगी
निर्देशों का पालन न करने पर कार्रवाई
यदि कोई अधिकारी, शिक्षक या कर्मचारी निर्धारित तिथि तक अपनी संपत्ति का विवरण पोर्टल पर दर्ज नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध निम्न कार्यवाही की जा सकती है—
- पदोन्नति (Promotion) से संबंधित प्रकरण पर विचार नहीं किया जाएगा
- विभागीय चयन समितियों की बैठकों में शामिल नहीं किया जाएगा
- उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाही की जा सकती है
किसे करना है विवरण दर्ज
यह आदेश बेसिक, माध्यमिक, राजकीय सहायता प्राप्त संस्थाओं, शिक्षा परिषदों, निदेशालयों, निगमों एवं उपक्रमों में कार्यरत समस्त अधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों पर लागू होगा।
निष्कर्ष
सभी संबंधित कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा न करें और समय रहते मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण सही एवं पूर्ण रूप से दर्ज करें। यह न केवल एक कानूनी दायित्व है, बल्कि पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक आवश्यक कदम भी है।

Post a Comment